ईरान की धमकी से ग्लोबल मार्केट हिला, पेट्रोल-डीजल पर बढ़ी टेंशन

वैश्विक तेल कीमतों में उछाल (Photo: Freepik & ANI)
Global Oil Price Surge: ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की धमकी से ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मच गया है. कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से अब दुनिया भर में ऊर्जा संकट का खतरा है.
Global Oil Price Surge: सोमवार सुबह दुनिया भर के बाजारों में खलबली मच गई. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने ऐलान किया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद करने जा रही है. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने सीजफायर की शर्तों को नहीं माना है, इसलिए यह कड़ा कदम उठाया गया है.
क्या अब पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छुएंगे?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस घोषणा के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 4.72% बढ़कर 94.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, वहीं WTI में भी 5.51% की तेजी आई और यह 88.47 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है. तेल की कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है. अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो आने वाले दिनों में फ्यूल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं.
शेयर बाजार और गोल्ड पर क्या असर पड़ा?
तेल की बढ़ती कीमतों का असर सीधे तौर पर अमेरिकी शेयर बाजार पर पड़ा है. डाउ जोन्स फ्यूचर्स (Dow Jones Futures) में 367 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई. हालांकि, एशियाई बाजारों में तस्वीर थोड़ी अलग रही. जापान का निक्केई (Nikkei) और ताइवान का इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन सिंगापुर के बाजार में मामूली गिरावट रही. सोने की बात करें तो इसकी कीमतों में थोड़ी नरमी देखी गई और यह 4,807.93 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है.
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की असली वजह क्या है?
ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाजों और बंदरगाहों की घेराबंदी (ब्लॉकैड) खत्म नहीं की है, जो समझौते का उल्लंघन है. IRGC ने चेतावनी दी है कि अब किसी भी जहाज को होर्मुज के आसपास आने की इजाजत नहीं होगी और इसे ‘दुश्मन की मदद’ माना जाएगा. ईरान ने यह भी कहा कि वे केवल उन जहाजों को प्राथमिकता देंगे जो नई सुरक्षा फीस का भुगतान करेंगे.
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप का कहना है कि ईरान अब अमेरिका को ब्लैकमेल करने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि ईरान के पास न तो बड़ी नौसेना है और न ही वायुसेना, इसलिए उनकी धमकियों का अमेरिका पर कोई असर नहीं होगा. फिलहाल, ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर सख्त नियंत्रण लागू कर दिया है. पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से मामला सुलझता है या ऊर्जा संकट और गहराएगा.
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By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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