Inter Caste Marriage Scheme : आज भी समाज में कई जगह अलग जाति में शादी करना आसान नहीं होता. ऐसे रिश्तों को सामाजिक स्वीकृति दिलाने और आर्थिक मजबूती देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक खास सरकारी मदद दे रही है. इस पहल के तहत इंटरकास्ट मैरिज करने वाले दंपती को लाखों रुपये की सहायता दी जाती है.
किस योजना के तहत मिलती है मदद
उत्तर प्रदेश में यह सहायता डॉ. आंबेडकर सामाजिक समरसता इंटरकास्ट विवाह योजना के नाम से लागू है. योजना का उद्देश्य साफ है जाति की दीवारों को तोड़ना और समाज में समानता की सोच को मजबूत करना. सरकार इस स्कीम के जरिए पात्र दंपती को कुल 2.50 लाख रुपये देती है.
कौन ले सकता है योजना का फायदा
इस योजना का लाभ वही दंपती उठा सकते हैं, जिनकी शादी में पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति से हो. विवाह का कानूनी रूप से पंजीकृत होना जरूरी है और यह पंजीकरण हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के अंतर्गत होना चाहिए. शादी के बाद आवेदन की समय-सीमा एक साल तय की गई है.
पैसे कैसे और कब मिलते हैं?
सरकार पूरी रकम एक साथ नहीं देती. पहले चरण में 1.50 लाख रुपये सीधे दंपती के संयुक्त बैंक खाते में भेजे जाते हैं. इसके बाद बाकी 1 लाख रुपये तीन साल की एफडी के रूप में सुरक्षित रखे जाते हैं, ताकि भविष्य में इसका लाभ मिल सके.
आवेदन की प्रक्रिया
इच्छुक दंपती को उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है. आवेदन फॉर्म में शादी, जाति और बैंक से जुड़ी जानकारी सावधानी से भरनी होती है.
जरूरी दस्तावेज कौन से हैं?
आवेदन के दौरान विवाह प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पहली शादी का प्रमाण, शपथ पत्र, आय प्रमाण पत्र और जॉइंट बैंक अकाउंट से जुड़े दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है. सफल आवेदन के बाद एक पावती रसीद भी जारी की जाती है.
क्यों खास है यह योजना?
यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है. सरकार इसे सामाजिक बदलाव के एक माध्यम के रूप में देखती है, जिससे अलग जातियों के बीच विवाह को स्वीकार्यता मिले और भेदभाव की जड़ें कमजोर हों.
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