PMI Service : मजबूत मांग के बूते भारत के सर्विस सेक्टर की वृद्धि छह महीने के ऑलटाइम हाई पर

सेवा क्षेत्र का पीएमआई लगातार 17वें महीने 50 अंक से अधिक है. खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से अधिक अंक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से कम अंक का अर्थ संकुचन है.
नई दिल्ली : बाजारों के लिए अनुकूल परिस्थितियों और नए काम में तेजी से दिसंबर में भारतीय सेवा क्षेत्र की वृद्धि छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई. एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई. मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक नवंबर में 56.4 पर था और यह दिसंबर में बढ़कर 58.5 पर पहुंच गया, जो सेवा गतिविधियों में तेज वृद्धि का संकेत देता है.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सेवा क्षेत्र का पीएमआई लगातार 17वें महीने 50 अंक से अधिक है. खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से अधिक अंक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से कम अंक का अर्थ संकुचन है.
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र की संयुक्त निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि भारतीय सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में दिसंबर में स्वागत योग्य विस्तार हुआ है, जो 2022 के अंत तक मांग में जुझारूपन जारी रहने को रेखांकित करता है. उन्होंने कहा कि 2023 में प्रवेश के साथ ही कंपनियों ने उत्पादन के परिदृश्य को लेकर मजबूत आशावाद जताया है. करीब 31 फीसदी प्रतिभागियों ने वृद्धि का अनुमान जताया है, जबकि महज दो फीसदी ने संकुचन की आशंका जताई.
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लीमा ने कहा कि सकारात्मक धारणा और नए व्यवसायों में वृद्धि रोजगार सृजन को समर्थन देती रहेगी. मुद्रास्फीति के मोर्चे पर सेवा कंपनियों में लागत बढ़ी है. इस बीच, एसएंडपी ग्लोबल इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट सूचकांक जो सेवाएं एवं विनिर्माण उत्पादन का संयुक्त रूप से आकलन करता है, वह नवंबर के 56.7 से बढ़कर दिसंबर में 59.4 हो गया.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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