भारत ने शुरू की एंटी-सब्सिडी जांच, देसी कंपनियों को बचाने के लिए कड़े कदम

Updated at : 26 Mar 2026 5:33 PM (IST)
विज्ञापन
भारत ने शुरू की एंटी-सब्सिडी जांच, देसी कंपनियों को बचाने के लिए कड़े कदम

सांकेतिक तस्वीर (फोटो/Canva)

Anti Subsidy: भारतीय बाजार में चीन और इंडोनेशिया से आने वाले सस्ते और सब्सिडी वाले सामान के खिलाफ सरकार ने मोर्चा खोल दिया है. भारतीय पेपर विनिर्माता संघ की शिकायत के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने पेपरबोर्ड, स्टील पाइप और एल्युमीनियम उत्पादों के आयात की जांच शुरू कर दी है. घरेलू कंपनियों का आरोप है कि […]

विज्ञापन

Anti Subsidy: भारतीय बाजार में चीन और इंडोनेशिया से आने वाले सस्ते और सब्सिडी वाले सामान के खिलाफ सरकार ने मोर्चा खोल दिया है. भारतीय पेपर विनिर्माता संघ की शिकायत के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने पेपरबोर्ड, स्टील पाइप और एल्युमीनियम उत्पादों के आयात की जांच शुरू कर दी है. घरेलू कंपनियों का आरोप है कि ये देश अपने निर्यातकों को भारी सब्सिडी दे रहे हैं, जिससे भारतीय उद्योगों को तगड़ा नुकसान हो रहा है.

सस्ते पेपरबोर्ड से देसी बाजार को खतरा

चीनी और इंडोनेशियाई कंपनियां बेहद कम दामों पर भारत में मल्टी-लेयर पेपरबोर्ड डंप कर रही हैं. इस पेपरबोर्ड का इस्तेमाल दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग के साथ-साथ किताबों के कवर बनाने में भी होता है.

  • आरोप: इन देशों की सरकारें अपने उत्पादकों को सस्ते लोन, टैक्स छूट और सीधे अनुदान (Grants) के रूप में सब्सिडी दे रही हैं.
  • असर: विदेशी कंपनियों को मिलने वाली इस मदद की वजह से भारतीय कंपनियां उनके दामों का मुकाबला नहीं कर पा रही हैं, जिससे उनके मुनाफे पर बुरा असर पड़ रहा है.

स्टील और एल्युमीनियम पर ‘सनसेट’ समीक्षा

DGTR ने न केवल पेपरबोर्ड, बल्कि चीन से आने वाले स्टील पाइप (Seamless Tubes) और फ्लैट रोल्ड एल्युमीनियम उत्पादों पर लगे एंटी-डंपिंग शुल्क की ‘सनसेट’ समीक्षा भी शुरू की है.

  • प्रमुख कंपनियां: हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, जिंदल सॉ लिमिटेड और महाराष्ट्र सीमलेस जैसी बड़ी कंपनियों ने शिकायत दर्ज कराई है कि शुल्क लगने के बावजूद चीन से अवैध आयात जारी है.
  • मांग: कंपनियों ने गुहार लगाई है कि मौजूदा शुल्क को न केवल बढ़ाया जाए, बल्कि इसके स्वरूप में भी बदलाव किया जाए ताकि घरेलू उद्योग को बचाया जा सके.

क्या होती है ‘सनसेट’ समीक्षा ?

यह व्यापार अधिकारियों द्वारा की जाने वाली एक अनिवार्य जांच है, जो आमतौर पर डंपिंग-रोधी शुल्क लगाने के 5 वर्षों के भीतर की जाती है.

  • मकसद: यह पता लगाना कि क्या शुल्क हटाने से विदेशी कंपनियां दोबारा सस्ते दाम पर सामान डंप करना शुरू कर देंगी.
  • नतीजा: यदि जांच में डंपिंग की पुष्टि होती है, तो DGTR सब्सिडी-रोधी या एंटी-डंपिंग शुल्क बढ़ाने की सिफारिश करता है, जिससे विदेशी सामान महंगा हो जाता है और भारतीय कंपनियों को ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ मिलता है.

जांच का दायरा और भविष्य की कार्रवाई

DGTR अब इन देशों से होने वाले आयात की मात्रा, उस पर दी जाने वाली सब्सिडी के स्तर और भारतीय कंपनियों पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव का विश्लेषण करेगा.

  • अगला कदम: यदि यह साबित हो जाता है कि विदेशी सब्सिडी भारतीय कंपनियों को आर्थिक रूप से चोट पहुंचा रही है, तो सरकार इन उत्पादों पर भारी एंटी-सब्सिडी शुल्क लगा सकती है. इससे दवाओं और अन्य जरूरी सामानों की पैकेजिंग इंडस्ट्री में भारतीय कंपनियों की पकड़ फिर से मजबूत होगी.

Also Read: भारत में बढ़ा ‘काले सोने’ का भाव, उद्योगों ने कोयले की ओर मोड़ा रुख

विज्ञापन
Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola