छापेमारी के बाद IFFCO ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ''सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा झूठा प्रचार''
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 03 Jun 2025 6:11 PM
IFFCO
Fake News: भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) ने राजस्थान के किशनगढ़ में कुछ इकाइयों पर हुई छापेमारी के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में चल रहे भ्रामक प्रचार को खारिज किया है. इफको ने स्पष्ट किया कि छापेमारी में उसके उर्वरक नहीं मिले हैं और 'सागरिका दानेदार' जैवउत्प्रेरक पूरी तरह वैध व गुणवत्तापूर्ण है. इफको ने किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और इफको के उत्पादों पर विश्वास बनाए रखें.
Fake News: भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) ने सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है. IFFCO ने एक आधिकारिक ट्वीट में कहा है कि राजस्थान के किशनगढ़ में कुछ उर्वरक इकाइयों पर हुई छापेमारी के बाद IFFCO के उत्पादों को लेकर ‘भ्रामक दुष्प्रचार’ किया जा रहा है, जो पूरी तरह निराधार और झूठा है.
IFFCO के उर्वरक नहीं पाए गए घटनास्थल पर
IFFCO ने स्पष्ट किया है कि छापे के दौरान जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वहां IFFCO का कोई भी उर्वरक बरामद नहीं हुआ है. इसलिए IFFCO ने किसानों और आम लोगों से अपील की है कि वे इस झूठे प्रचार से बचें और कंपनी की गुणवत्ता व विश्वसनीयता पर भरोसा बनाए रखें. IFFCO ने यह भी कहा है कि यह किसानों की संस्था है और किसानों के हितों की रक्षा करना उसका पहला उद्देश्य है.
सागरिका दानेदार को लेकर भी दी सफाई
IFFCO ने इस बात की भी पुष्टि की कि कुछ स्थानों पर उसके संयुक्त उपक्रम Aquagri द्वारा निर्मित ‘सागरिका दानेदार बायोस्टीम्युलेंट’ अवश्य पाया गया है, लेकिन इसमें किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं है. यह उत्पाद केंद्रीय शोध संस्था CSIR-CSMCRI की ओर से विकसित तकनीक पर आधारित है और भारत सरकार के सभी मानकों और नियमों का पालन करता है.
Granulation सामग्री भी मान्य
IFFCO ने यह भी बताया कि जिन कच्चे माल जैसे डोलोमाइट, जिप्सम, सीवीड पाउडर और बेंटोनाइट को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, वे सभी ‘सागरिका दानेदार’ के निर्माण (granulation) में उपयोग होने वाली स्वीकृत सामग्री हैं. इनमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है.
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IFFCO ने किसानों से भरोसा रखने की अपील की
IFFCO ने किसानों और उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस तरह के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें. IFFCO के गुणवत्तायुक्त उर्वरकों व जैव-उत्तेजकों (बायोस्टीम्युलेंट्स) का उपयोग करते रहें, जो उनकी उपज को बढ़ाने में पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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