ePaper

High Court Judge Salary: आधा भारत नहीं जानता कि हाई कोर्ट के जज की सैलरी कितनी होती है

Updated at : 22 Mar 2025 2:35 PM (IST)
विज्ञापन
High Court Judge Salary

High Court Judge Salary

High Court Judge Salary: हाईकोर्ट के जजों का वेतन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है. वर्तमान में हाईकोर्ट के जज को प्रति माह 2.25 लाख रुपये (225,000 रुपये) का वेतन दिया जाता है.

विज्ञापन

High Court Judge Salary: हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा चर्चा में आ गए हैं. उनके सरकारी बंगले में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने के लिए पहुंची थी. इस दौरान बंगले से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई, जिससे यह मामला और भी चर्चित हो गया. इस घटना के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि आखिर हाईकोर्ट के एक जज की सैलरी और अन्य सुविधाएं कितनी होती हैं? आइए विस्तार से जानते हैं.

हाईकोर्ट के जज की सैलरी

हाईकोर्ट के जजों का वेतन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है. डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में हाईकोर्ट के जज को प्रति माह 2.25 लाख रुपये (225,000 रुपये) का वेतन दिया जाता है.

सोर्स- डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस

हाईकोर्ट के जज की पेंशन और ग्रेच्युटी

हाईकोर्ट के जजों को सेवा निवृत्ति के बाद भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है.

  • पेंशन: हाईकोर्ट के जज को सेवानिवृत्ति के बाद 13.50 लाख रुपये प्रति वर्ष (1.12 लाख रुपये प्रति माह) पेंशन के रूप में दी जाती है.
  • ग्रेच्युटी: हाईकोर्ट के जज को सेवा पूरी करने के बाद 20 लाख रुपये ग्रेच्युटी के रूप में प्राप्त होते हैं.

भत्ते और अतिरिक्त सुविधाएं

हाईकोर्ट के जजों को वेतन के अलावा कई भत्ते और सुविधाएं भी दी जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • फर्निशिंग भत्ता: अपने सरकारी आवास के साज-सज्जा के लिए उन्हें 6 लाख रुपये का फर्निशिंग भत्ता मिलता है.
  • मकान किराया भत्ता (HRA): हाईकोर्ट के जजों को उनकी बेसिक सैलरी का 24 प्रतिशत HRA के रूप में दिया जाता है.
  • सम्प्चुअरी भत्ता (Sumptuary Allowance): हाईकोर्ट के जजों को सरकारी और सामाजिक आयोजनों से जुड़े खर्चों को मैनेज करने के लिए 27,000 रुपये प्रति माह का भत्ता प्रदान किया जाता है.
सोर्स- डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस

सैलरी और पेंशन का स्रोत

  • हाईकोर्ट के जजों के वेतन और भत्तों का खर्च संबंधित राज्य की संचित निधि (Consolidated Fund) से किया जाता है.
  • वहीं, उनकी पेंशन का खर्च भारत सरकार की संचित निधि से वहन किया जाता है.

इसके अलावा और सुविधा

हाईकोर्ट के जजों को सुरक्षा, गाड़ी, ड्राइवर, स्टाफ और अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं, ताकि वे अपने न्यायिक कार्यों को सुचारू रूप से पूरा कर सकें. इस प्रकार हाईकोर्ट के जजों को न सिर्फ आकर्षक वेतन मिलता है, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें पर्याप्त आर्थिक लाभ दिए जाते हैं.

Also Read: CA में फेल, IAS का सपना छोड़ा, दोस्त के पैसों से शुरू किया चाय का बिजनेस, आज कमा रहे करोड़ों

विज्ञापन
Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola