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Chanakya Niti: आपके साथ रहकर कौन चुपचाप आपको दे रहा जहर? चाणक्य नीति से जानिए

Updated at : 27 Dec 2025 5:47 PM (IST)
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Chanakya Niti

आचार्य चाणक्य की तस्वीर, Pic Credit- Chatgpt

Chanakya Niti: चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि हर मुस्कुराता चेहरा शुभचिंतक नहीं होता. जानिए कैसे आपके आसपास कुछ लोग चुपचाप आपका नुकसान कर सकते हैं और ऐसे लोगों से खुद को बचाने के लिए चाणक्य की क्या सलाह है. यह लेख रोजमर्रा की जिंदगी में सतर्क रहने और सही संगति चुनने की टिप्स देता है.

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Chanakya Niti: अक्सर इंसान अपने जीवन की परेशानियों के लिए हालात, किस्मत या समय को दोष देता है, लेकिन हर परेशानी का जड़ यही नहीं होता है. कुछ समस्या हमारे आसपास रह रहे लोगों की वजह से होता है. इसका उल्लेख चाणक्य की नीतियों में भी मिलता है. चाणक्य नीति के इस लेख में आज हम उन लोगों के बारे में बताएंगे जो साथ में रहते हुए हमारे लिए गढ्ढे खोद रहे हैं. ये वह लोग है जो हमें अक्सर अपनापन फील कराते हैं. चाणक्य नीति में भी साफ कहा गया है कि हर मुस्कुराता चेहरा शुभचिंतक नहीं होता. कई बार नुकसान करने वाले लोग सीधे टकराव में नहीं आते, बल्कि धीरे-धीरे आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और मानसिक शांति को खत्म करते हैं.

हर बात पर नकारात्मकता फैलाने वाले लोग

चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति हर परिस्थिति में आपकी सिर्फ और सिर्फ कमियां निकालता है, वह सामने वाले की ऊर्जा को धीरे-धीरे खत्म कर देता है. ऐसे लोग आपके काम में डर भरते हैं, जिससे आप सही फैसले लेने से कतराने लगते हैं.

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जो आपकी सफलता से असहज हो जाएं

चाणक्य नीति बताती है कि जो लोग आपकी तरक्की देखकर खुश नहीं होते, वे भीतर ही भीतर ईर्ष्या पाल लेते हैं. ये लोग खुलकर विरोध नहीं करते, लेकिन आपकी उपलब्धियों को छोटा साबित करने की कोशिश करते हैं.

हर बात जानकर उसे दूसरों के सामने फैलाने वाले

चाणक्य गोपनीयता को शक्ति मानते थे. जो लोग आपकी निजी बातें, योजनाएं या कमजोरियां जानकर दूसरों तक पहुंचाते हैं, वे सबसे खतरनाक माने गए हैं. ऐसे लोग अनजाने में नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से नुकसान पहुंचाते हैं.

हमेशा मदद लेने वाले, कभी साथ न देने वाले

चाणक्य नीति के अनुसार, जो लोग सिर्फ अपने फायदे के समय पास आते हैं और मुश्किल वक्त में गायब हो जाते हैं, उनसे सावधान रहना चाहिए. ये लोग आपकी सहनशक्ति का शोषण करते हैं.

आपको कमजोर महसूस कराने वाले

अगर कोई व्यक्ति बार-बार आपको यह एहसास दिलाए कि आप पर्याप्त नहीं हैं, तो चाणक्य इसे मानसिक शत्रु मानते हैं. ऐसे लोग आपकी आत्मशक्ति को भीतर से तोड़ते हैं.

ऐसे लोगों से बचने के लिए चाणक्य क्या सलाह देते हैं

चाणक्य नीति के अनुसार ऐसे लोगों से सीधे टकराव जरूरी नहीं, बल्कि समय पर दूरी बनाना और सीमाएं तय करना ही सबसे बड़ी बुद्धिमानी है. सही संगति इंसान को ऊपर उठाती है और गलत संगति बिना शोर किये नुकसान पहुंचाती है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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