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GPF Deposit का बदल गया नियम, वार्षिक योगदान की सीमा 5 लाख रुपये तय

Updated at : 14 Oct 2022 6:09 PM (IST)
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GPF Deposit का बदल गया नियम, वार्षिक योगदान की सीमा 5 लाख रुपये तय

जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) अकाउंट सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए है. यह एक तरह का रिटायरमेंट फंड है. इसकी पूरी रकम कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद मिलती है. नये नियमों के अनुसार, एक वित्त वर्ष में जीपीएफ खाते में जमा की गई कुल राशि 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती है.

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GPF Deposit Limit: सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी सूचना है. एक वित्त वर्ष में जनरल प्रोविडेंट फंड (General Provident Fund) में वार्षिक योगदान की सीमा 5 लाख रुपये तय की गई है. नये नियमों के अनुसार, एक वित्त वर्ष में जीपीएफ खाते में जमा की गई कुल राशि 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती है.

GPF क्या है?

आपको बता दें कि जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) अकाउंट सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए है. यह एक तरह का रिटायरमेंट फंड है. इसकी पूरी रकम कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद मिलती है. सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी का 15 प्रतिशत तक GPF खाते में योगदान कर सकते हैं. इस खाते का ‘एडवांस’ फीचर सबसे खास है. इसमें कर्मचारी जरूरत पड़ने पर GPF खाते से तय रकम निकाल सकता है और बाद में उसे जमा कर सकता है. इस पर कोई टैक्स भी नहीं लगता.

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नियमों में संशोधन

सामान्य भविष्य निधि नियम 1960 के अनुसार, जीपीएफ में निवेश किये जा सकने वाले योगदान के प्रतिशत की एक सीमा थी. लेकिन निवेश की कुल राशि की कोई सीमा नहीं थी. हालांकि, 15 जून 2022 की एक गजट अधिसूचना के जरिये, इन नियमों में संशोधन किया गया था. नये नियमों के अनुसार, एक वित्त वर्ष में जीपीएफ खाते में जमा की गई कुल राशि 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती है. जीपीएफ जमा पर मौजूदा ब्याज दर पीपीएफ के समान ही है. आर्थिक मामलों के विभाग ने हाल ही में अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही के लिए GPF पर ब्याज को 7.1 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा है.

ऑफिस मेमोरेंडम जारी

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने 11 अक्टूबर 2022 को एक ऑफिस मेमोरेंडम में उल्लेख है कि सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवा) नियम, 1960 के अनुसार, एक ग्राहक के संबंध में जीपीएफ की सदस्यता की राशि, परिलब्धियों के 6 प्रतिशत से कम और सदस्य की कुल परिलब्धियों से अधिक नहीं होनी चाहिए. हालांकि, एक वित्तीय वर्ष में एक सदस्य के अपने जीपीएफ खाते में सदस्यता की कुल राशि पर कोई सीमा नहीं थी. सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवा) नियम, 1960 के नियम के तहत एक वित्तीय वर्ष के दौरान जीपीएफ के में जमा की गई राशि पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. डीओपीपीडब्ल्यू ने सभी मंत्रालयों/विभागों से एक वित्तीय वर्ष में जीपीएफ के तहत सदस्यता की उपरोक्त सीमा का व्यापक प्रचार करने काे कहा है.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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