ePaper

सोना हुआ तेज तो हीरा हो गया सस्ता! 80% तक घट गया का दाम

Updated at : 31 May 2025 6:24 PM (IST)
विज्ञापन
Diamond Price

Diamond Price

Diamond Price: भारत में हीरे की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. लैब में निर्मित हीरों की कीमतों में 80% तक की कमी आई है, जबकि प्राकृतिक हीरे भी सस्ते हुए हैं. सोने की तेजी के मुकाबले हीरा अब ज्यादा किफायती विकल्प बन गया है.

विज्ञापन

Diamond Price: भारत में सोने की बढ़ती कीमत के बीच हीरे की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. पिछले 10 सालों के दौरान सोना करीब 73,000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया है, तो महज तीन साल के दौरान हीरा करीब 80% तक सस्ता हो गया है. 2025 में भारत में हीरों की कीमतों में भारी गिरावट देखी जा रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट 2022 के बाद से शुरू हुई थी और अब स्थिरता की ओर बढ़ रही है. इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण लैब में निर्मित हीरों की बढ़ती आपूर्ति और वैश्विक मांग में कमी है.

प्राकृतिक और लैब हीरों की कीमतों में अंतर

  • 2024 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्राकृतिक हीरों की कीमतों में 25-30% तक की कमी आई है.
  • लैब निर्मित हीरों की कीमतें तो 80% तक गिर गईं.

जुलाई 2022 में एक कैरेट LGD की कीमत जहां 1.25 लाख रुपये थी, वहीं 2024 में यह घटकर 25,000-30,000 रुपये रह गई. दूसरी ओर, प्राकृतिक हीरे 2023 में 3 लाख रुपये प्रति कैरेट थे, जो अब घटकर 2.20-2.30 लाख रुपये के बीच मिल रहे हैं.

विभिन्न प्रकार के हीरों की कितनी कीमत

भारत में हीरों की कीमतें उसके प्रकार, आकार, गुणवत्ता और रंग पर निर्भर करती हैं.

  • सॉलिटेयर राउंड कट रियल नेचुरल डायमंड: 4,14,480 रुपये प्रति कैरेट
  • लूज नेचुरल डायमंड: 1,50,000 रुपये प्रति कैरेट
  • 0.95 कैरेट नेचुरल डायमंड: 95,000 रुपये प्रति कैरेट
  • सिल्वर सॉलिटेयर डायमंड: 85,000 प्रति कैरेट
  • व्हाइट सॉलिटेयर डायमंड: 72,000 रुपये प्रति कैरेट
  • नेचुरल डायमंड (साधारण): 60,000 रुपये प्रति कैरेट
  • राउंड स्टार डायमंड: 25,000 रुपये प्रति कैरेट
  • 1 मिमी नेचुरल डायमंड: 10,000 रुपये प्रति कैरेट

कीमतें क्यों गिर रही हैं?

हीरे की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं.

  • लैब निर्मित हीरों की तेजी से बढ़ती आपूर्ति
  • चीन जैसे बड़े बाजारों में मांग में 15% तक की गिरावट
  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं
  • प्राकृतिक हीरों की उच्च कीमतों के मुकाबले सस्ते विकल्प का आना

यह रुझान 2025 में भी जारी रहने की संभावना है, क्योंकि लैब हीरों की लागत लगातार घट रही है. इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है.

इसे भी पढ़ें: आधा भारत नहीं जानता कितने में बनता है 1 रुपये का सिक्का, जान जाएगा तो खोल लेगा टकसाल

निवेशकों और खरीदारों के लिए सलाह

हीरे खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि उसकी शुद्धता, सर्टिफिकेशन (जैसे जीआईए और आईजीआई) और क्लैरिटी पर भी ध्यान दें. सस्ते दामों के चक्कर में नकली या निम्न गुणवत्ता के हीरे न खरीदें. सटीक कीमतों और विश्वसनीयता के लिए स्थानीय ज्वैलर्स या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे ब्ल्यूस्टोन या कैरटलेन से संपर्क करना बेहतर रहेगा.

इसे भी पढ़ें: कौन हैं लीना गांधी तिवारी जिन्होंने मुंबई में खरीदा सबसे महंगा मकान? जानें उनकी संपत्ति

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola