CBI डायरेक्टर बनकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया और ₹15.45 करोड़ का चूना लगा दिया

गिरफ्तारी के डर से कारोबारी ने 7 फरवरी से 9 मार्च, 2026 के बीच 15.45 रुपये ट्रांसफर किए (फोटो : Freepik)
Digital Arrest: ठगी की शुरुआत कॉल से हुई, जिसमें कॉलर ने को फर्जी CBI डायरेक्टर के. सुब्रमण्यम बताया. उसने कहा पीड़ित के नाम दो सिम कार्ड संदिग्ध लेनदेन में इस्तेमाल हुए हैं.
Digital Arrest: बेंगलुरु में साइबर अपराधियों ने डर और मनोवैज्ञानिक दबाव का इस्तेमाल कर बेलगावी के एक व्यवसायी, अजीत गोपालकृष्ण सराफ से ₹15.45 करोड़ की रिकॉर्ड ठगी की है. ठगों ने खुद को CBI का डायरेक्टर बताकर पीड़ित को एक महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और करोड़ों रुपये ऐंठ लिए.
ठगी की शुरुआत एक कॉल से हुई, जिसमें कॉलर ने खुद को फर्जी CBI डायरेक्टर के. सुब्रमण्यम बताया. जालसाज ने पीड़ित पर आरोप लगाया कि उनके नाम पर रजिस्टर्ड दो सिम कार्ड्स का इस्तेमाल जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के साथ संदिग्ध लेनदेन में हुआ है.
अपराधी ने दावा किया कि गोयल की गिरफ्तारी के बाद हुई जांच में यह खुलासा हुआ है कि सराफ ने केनरा बैंक के जरिए ₹25 लाख की मनी लॉन्ड्रिंग की है और इसके बदले भारी कमीशन लिया है.
कैसे हुई ₹15.45 करोड़ की लूट ?
अपराधियों ने बिजनेसमैन को तत्काल गिरफ्तारी और जेल जाने का डर दिखाकर उन्हें पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया. उन्हें मजबूर किया गया कि वे किसी से इस बारे में बात न करें और लगातार वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखी गई, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है.
इसी मनोवैज्ञानिक दहशत के कारण पीड़ित ने 7 फरवरी से 9 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग RTGS ट्रांजेक्शन के जरिए कुल ₹15.45 करोड़ ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए.
जांच में हुआ खुलासा
साइबर पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इस बड़ी ठगी के पीछे एक बहुत ही संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट का हाथ है. पुलिस ने उन 10 मुख्य बैंक खातों की पहचान की है जिनमें पैसे भेजे गए थे. ये खाते हैदराबाद, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में फैले हुए हैं. पुलिस अब इन खातों को फ्रीज करने और आरोपियों को ट्रैक करने के लिए अलग-अलग राज्यों की एजेंसियों के साथ काम कर रही है.
डिस्क्लेमर
कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, पुलिस, ED) कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को ‘अरेस्ट’ नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है. यदि आपको ऐसा कोई कॉल आए, तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर संपर्क करें.
Also Read: अब 5 साल का इंतजार जरूरी नहीं! जानें नए लेबर कोड में किसे मिलेगा 1 साल में ग्रेच्युटी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










