CBI डायरेक्टर बनकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया और ₹15.45 करोड़ का चूना लगा दिया

Published by :Abhishek Pandey
Published at :13 Apr 2026 1:11 PM (IST)
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Digital Arrest

गिरफ्तारी के डर से कारोबारी ने 7 फरवरी से 9 मार्च, 2026 के बीच 15.45 रुपये ट्रांसफर किए (फोटो : Freepik)

Digital Arrest: ठगी की शुरुआत कॉल से हुई, जिसमें कॉलर ने को फर्जी CBI डायरेक्टर के. सुब्रमण्यम बताया. उसने कहा पीड़ित के नाम दो सिम कार्ड संदिग्ध लेनदेन में इस्तेमाल हुए हैं.

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Digital Arrest: बेंगलुरु में साइबर अपराधियों ने डर और मनोवैज्ञानिक दबाव का इस्तेमाल कर बेलगावी के एक व्यवसायी, अजीत गोपालकृष्ण सराफ से ₹15.45 करोड़ की रिकॉर्ड ठगी की है. ठगों ने खुद को CBI का डायरेक्टर बताकर पीड़ित को एक महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और करोड़ों रुपये ऐंठ लिए.

ठगी की शुरुआत एक कॉल से हुई, जिसमें कॉलर ने खुद को फर्जी CBI डायरेक्टर के. सुब्रमण्यम बताया. जालसाज ने पीड़ित पर आरोप लगाया कि उनके नाम पर रजिस्टर्ड दो सिम कार्ड्स का इस्तेमाल जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के साथ संदिग्ध लेनदेन में हुआ है.

अपराधी ने दावा किया कि गोयल की गिरफ्तारी के बाद हुई जांच में यह खुलासा हुआ है कि सराफ ने केनरा बैंक के जरिए ₹25 लाख की मनी लॉन्ड्रिंग की है और इसके बदले भारी कमीशन लिया है.

कैसे हुई ₹15.45 करोड़ की लूट ?

अपराधियों ने बिजनेसमैन को तत्काल गिरफ्तारी और जेल जाने का डर दिखाकर उन्हें पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया. उन्हें मजबूर किया गया कि वे किसी से इस बारे में बात न करें और लगातार वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखी गई, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है.

इसी मनोवैज्ञानिक दहशत के कारण पीड़ित ने 7 फरवरी से 9 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग RTGS ट्रांजेक्शन के जरिए कुल ₹15.45 करोड़ ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए.

जांच में हुआ खुलासा

साइबर पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इस बड़ी ठगी के पीछे एक बहुत ही संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट का हाथ है. पुलिस ने उन 10 मुख्य बैंक खातों की पहचान की है जिनमें पैसे भेजे गए थे. ये खाते हैदराबाद, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में फैले हुए हैं. पुलिस अब इन खातों को फ्रीज करने और आरोपियों को ट्रैक करने के लिए अलग-अलग राज्यों की एजेंसियों के साथ काम कर रही है.

डिस्क्लेमर

कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, पुलिस, ED) कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को ‘अरेस्ट’ नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है. यदि आपको ऐसा कोई कॉल आए, तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर संपर्क करें.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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