डेल्हीवरी के सीएफओ अमित अग्रवाल ने दिया इस्तीफा, विवेक पबारी होंगे उत्तराधिकारी

Updated at : 05 Nov 2025 8:41 PM (IST)
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Delhivery Resignation

डेल्हीवरी के सीएफओ अमित अग्रवाल, जिन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया.

Delhivery Resignation: भारत की प्रमुख लॉजिस्टिक कंपनी डेल्हीवरी में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. कंपनी के सीएफओ अमित अग्रवाल ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया है और उनकी जगह विवेक पबारी 1 जनवरी 2026 से पदभार संभालेंगे. साथ ही, गैर-कार्यकारी निदेशक अरुणा सुंदरराजन ने भी सरकारी दायित्वों के चलते इस्तीफा दिया है. डेल्हीवरी का यह कदम वित्तीय अनुशासन और संचालन दक्षता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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Delhivery Resignation: भारत की दिग्गज लॉजिस्टिक सेवा प्रदाता कंपनी डेल्हीवरी में बड़ा प्रबंधन बदलाव देखने को मिला है. कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अमित अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी ने बुधवार को घोषणा की कि अग्रवाल 31 दिसंबर 2025 तक अपनी सेवाएं देंगे और उसके बाद विवेक पबारी नए सीएफओ के रूप में पदभार संभालेंगे.

व्यक्तिगत कारणों से दिया इस्तीफा

कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि अमित अग्रवाल ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है. बयान के अनुसार, “अमित अग्रवाल ने कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी और प्रमुख प्रबंधन कर्मी के पद से 31 दिसंबर, 2025 को कार्य समय की समाप्ति पर इस्तीफा देने का निर्णय लिया है.” अग्रवाल पिछले कई वर्षों से डेल्हीवरी के वित्तीय ढांचे को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे थे.

विवेक पबारी को सौंपी जाएगी ज़िम्मेदारी

डेल्हीवरी ने यह भी घोषणा की कि बोर्ड की 5 नवंबर को हुई बैठक में विवेक पबारी को कंपनी का नया मुख्य वित्त अधिकारी और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगी. विवेक पबारी वित्तीय रणनीति, निवेश प्रबंधन और कंपनी की पूंजी संरचना को सुदृढ़ बनाने पर ध्यान देंगे. उद्योग जगत के जानकारों के अनुसार, यह बदलाव कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संचालन और वित्तीय प्रबंधन को और अधिक पेशेवर बनाना है.

बोर्ड सदस्य अरुणा सुंदरराजन का भी इस्तीफा

डेल्हीवरी ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा में बताया कि अरुणा सुंदरराजन, जो कंपनी की गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक थीं, ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनका इस्तीफा 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगा. कंपनी ने कहा कि सुंदरराजन को हाल ही में एक नियामक निकाय में सरकारी प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है, जिसके कारण उन्होंने बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के चलते यह निर्णय लिया.

सार्वजनिक सेवा से मिली प्रेरणा

डेल्हीवरी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी साहिल बरुआ ने अरुणा सुंदरराजन के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “डेल्हीवरी को अरुणा के सार्वजनिक सेवा के व्यापक अनुभव से बहुत लाभ हुआ है. उन्होंने कंपनी के महत्वपूर्ण विस्तार के दौरान संचालन को सुदृढ़ बनाने और रणनीतिक दिशा तय करने में प्रमुख भूमिका निभाई है.”

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भविष्य की दिशा और प्रबंधन पुनर्गठन

विश्लेषकों का मानना है कि डेल्हीवरी का यह प्रबंधन पुनर्गठन आने वाले वर्षों में कंपनी के वित्तीय अनुशासन और परिचालन दक्षता को मजबूत करेगा. विवेक पबारी की नियुक्ति से कंपनी के लाभप्रदता और विस्तार योजनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. वहीं, अमित अग्रवाल की विदाई कंपनी के लिए एक भावनात्मक क्षण है, क्योंकि उन्होंने डेल्हीवरी को भारत की शीर्ष लॉजिस्टिक कंपनियों में शामिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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