Delhi New Rules: 31 मार्च के बाद 15 साल पुरानी गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, बीजेपी सरकार का बड़ा फैसला
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 01 Mar 2025 4:48 PM
15 year old vehicles Rules
Delhi New Rules: दिल्ली में 15 साल पुरानी गाड़ियों के ऑनर की परेशानी बढ़ने वाली है. पुरानी गाड़ियों को पंप में ईंधन नहीं मिलेगा. बीजेपी की सरकार ने इसके लिए 31 मार्च का समय दिया है.
Delhi New Rules: दिल्ली की बीजेपी सरकार ने पुरानी गाड़ियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया, “31 मार्च के बाद 15 साल पुरानी गाड़ियों को ईंधन नहीं दिया जाएगा. हम पेट्रोल पंप पर इसको लेकर गैजेट्स लगा रहे हैं, जो करीब 80 प्रतिशत पंप पर लग चुके हैं. 31 मार्च तक सभी पंप पर गैजेट्स लग जाएंगे. फिर 15 साल पुरानी गाड़ियों की पहचान की जाएगी और उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा. इसके अलावा 15 साल पुरानी गाड़ियों की पहचान के लिए एक टीम बनाई जा रही है. ये टीम दिल्ली में ऐसे वाहनों को प्रवेश करने से रोकेगी और अगर प्रवेश कर गए हैं, तो उन्हें बाहर भेजेगी. “
कंस्ट्रक्शन साइट्स पर एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य
पर्यावरण मंत्री ने बताया- “दिल्ली में कुछ बड़े होटल हैं, कुछ बड़े ऑफिस कॉम्प्लेक्स हैं, दिल्ली एयरपोर्ट है, बड़ी कंस्ट्रक्शन साइट्स हैं. हम इन सभी के लिए तुरंत अपने यहां प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य करने जा रहे हैं. हम दिल्ली की सभी ऊंची इमारतों के लिए स्मॉग गन लगाना अनिवार्य करने जा रहे हैं. हम दिल्ली के सभी होटलों के लिए स्मॉग गन लगाना अनिवार्य करने जा रहे हैं. इसी तरह, हम सभी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए इसे अनिवार्य करने जा रहे हैं. हमने आज फैसला किया है कि क्लाउड सीडिंग के लिए हमें जो भी अनुमति चाहिए, हम लेंगे और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जब दिल्ली में गंभीर प्रदूषण हो, तो क्लाउड सीडिंग के जरिए बारिश कराई जा सके और प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके.”
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपाय
दिल्ली की बीजेपी सरकार ने 15 साल पुरानी गाड़ियों को ईंधन नहीं देना फैसला, प्रदूषण नियंत्रण की वजह से लिया है. साथ ही एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल के पीछे भी यही कारण है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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