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ग्राहकगण कृपया ध्यान दें! ये ट्रेन धकाधक प्याज ला रही है, अपना झोला तैयार रखिए

Updated at : 31 Oct 2024 2:09 PM (IST)
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ग्राहकगण कृपया ध्यान दें! ये ट्रेन धकाधक प्याज ला रही है, अपना झोला तैयार रखिए

कांदा एक्सप्रेस से प्याज पहुंचा रही सरकार

एनसीसीएफ 22 राज्यों में 104 गंतव्यों तक पहुंच चुका है, जबकि नाफेड 16 राज्यों में 52 स्थानों को अपने दायरे में लाता है. इन दोनों एजेंसियों ने 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खुदरा बिक्री के लिए सफल, केंद्रीय भंडार और रिलायंस रिटेल के साथ साझेदारी की है.

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Onion: प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं. इस समय बाजार में यह हरी सब्जी 60 से 80 रुपये किलो बिक रही है. सरपट भाग रही प्याज की कीमतों की नियंत्रित करने के लिए सरकार ने ट्रेन को तैनात कर दिया है. यह ट्रेन महाराष्ट्र की नासिक मंडी से प्याज लेकर सीधे दिल्ली पहुंच रही है और फिर वहां से सरकार की सहकारी संस्था नेफेड के जरिए स्थानीय सब्जी मंडियों में पहुंचाया जा रहा है. सरकार ने नासिक से प्याज को लाने के लिए तैनात किया है, उसका नाम ‘कांदा एक्सप्रेस’ है. यह ट्रेन अब तक चेन्नई, गुवाहाटी और दिल्ली में प्याज की खेप पहुंचा चुकी है. वहीं, सरकारी सहकारी संस्था नेफेड और एनसीएफसी 22 और 16 राज्यों में सस्ती दरों पर प्याज की बिक्री कर रही है.

ट्रेन से दिल्ली पहुंचा 1600 टन प्याज

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपनी बहुआयामी रणनीति के तहत दिल्ली के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर रेल के जरिये करीब 840 टन बफर प्याज पहुंचाया है. सरकार की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि 20 अक्टूबर को ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिये 1,600 टन प्याज दिल्ली पहुंचने के बाद यह रेल मार्ग से दूसरी बड़ी आपूर्ति है.

पहली बार ट्रेन से प्याज की डिलीवरी कर रही सरकार

रिपोर्ट में कहा गया है कि मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत सहकारी संस्था नेफेड की ओर से खरीदी गई प्याज की खेप की बिक्री दिल्ली की आजादपुर मंडी के जरिये जारी की जाएगी, जिसका एक हिस्सा 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खुदरा बिक्री के लिए निर्धारित किया गया है. इस समय दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमतें गुणवत्ता और स्थान के हिसाब से 60-80 रुपये प्रति किलोग्राम चल रही हैं. पहली बार सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में प्याज की समय पर और लागत प्रभावी डिलिवरी के लिए रेल परिवहन को अपनाया है.

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सरकार के पास प्याज का 4.7 लाख टन का बफर स्टॉक

सरकार की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि इससे पहले सहकारी संस्था नेफेड 26 अक्टूबर को चेन्नई में 840 टन प्याज पहुंचाया था, जबकि इसी मात्रा की एक और खेप बुधवार सुबह नासिक से गुवाहाटी के लिए रवाना हुई थी. सरकार ने रबी सत्र के दौरान 4.7 लाख टन का बफर बनाया था और 5 सितंबर से खुदरा और थोक चैनल के माध्यम से इसे जारी करना शुरू किया था. बयान में कहा गया है कि नासिक और दूसरे केंद्रों से सड़क परिवहन के माध्यम से 1.40 लाख टन प्याज भेजा गया है.

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35 रुपये किलो प्याज बेच रहीं नेफेड और एनसीसीएफ

राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) 22 राज्यों में 104 गंतव्यों तक पहुंच चुका है, जबकि नाफेड 16 राज्यों में 52 स्थानों को अपने दायरे में लाता है. एजेंसियों ने 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खुदरा बिक्री के लिए सफल, केंद्रीय भंडार और रिलायंस रिटेल के साथ साझेदारी की है. इसके अलावा, खुदरा वितरण के लिए 9 राज्य सरकारों और सहकारी समितियों को 86,500 टन प्याज आवंटित किया गया है. सरकार के इस हस्तक्षेप से आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, यूपी, तमिलनाडु और दिल्ली सहित प्रमुख राज्यों में खुदरा कीमतों को स्थिर करने में मदद मिली है, जबकि अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य अक्टूबर तक स्थिर रहा है. नासिक मंडी में थोक भाव 24 सितंबर को 47 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 40 रुपये पर आ गए हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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