Copper Price Today 5 Jan 2026: मेटल इंडस्ट्री में इस समय हलचल तेज है. इंडस्ट्रियल सेक्टर की रीढ़ माना जाने वाला तांबा (Copper) अब निवेश की दुनिया का नया ‘सुपरस्टार’ बनकर उभरा है. आइए समझते हैं कि क्यों तांबे की कीमतें आसमान छू रही हैं और इसका आपकी जिंदगी पर क्या असर होगा.
ग्लोबल क्राइसिस और ‘कॉपर’ की छलांग
दुनिया भर के बाजारों में तांबे की कीमतों ने रफ्तार पकड़ ली है. COMEX पर तांबा 5.8370 डॉलर प्रति पाउंड के रिकॉर्ड स्तर पर है. इसके पीछे मुख्य कारण अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता सैन्य और राजनीतिक तनाव है. युद्ध जैसी स्थितियों में अक्सर मेटल्स की मांग बढ़ जाती है और सप्लाई रुक जाती है, जिसका सीधा असर भाव पर दिख रहा है.
सप्लाई चेन पर ‘ड्रैगन’ का पहरा
चीन ने 1 जनवरी 2026 से धातुओं के व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. चूंकि चीन तांबे का सबसे बड़ा खरीदार और प्रोसेस करने वाला देश है, वहां से आई रुकावट ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है. इसके साथ ही चिली और कांगो जैसे देशों में खनन (Mining) कम होने से स्टॉक लगातार गिर रहा है.
आपके घर में इन सामानों के बजट पर पड़ सकता है असर
तांबे और एल्युमीनियम की बढ़ती कीमतों का असर सीधे आपके घर के खर्चों पर पड़ेगा
- बिजली के तार & केबल
- घरेलू उपकरण (AC/Fridge)
- बर्तन और शोपीस
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
इंवेस्टर्स के लिए गोल्डन मौका
साल 2025 में सोने-चांदी ने छप्परफाड़ रिटर्न दिया था, लेकिन अब बड़े इन्वेस्टर्स अपना पैसा तांबे में लगा रहे हैं. MCX पर 1288.85 रुपए प्रति किलो का स्तर यह संकेत दे रहा है कि तांबा बहुत जल्द अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा.
इंडस्ट्री में डर का माहौल
बड़े कारखाने और कंपनियां जो कॉपर से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती हैं, वे अब ‘पैनिक बाइंग’ कर रही हैं. उन्हें डर है कि अगर सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई, तो उत्पादन बंद करना पड़ सकता है. यही वजह है कि बाजार में तांबे की जमाखोरी भी बढ़ गई है.
अगर आप घर के लिए इलेक्ट्रॉनिक सामान या बर्तन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय हो सकता है, क्योंकि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ने के आसार हैं. वहीं इंवेस्टर्स के लिए तांबा लॉन्ग टर्म मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है.
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