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चेक काटने से पहले चेक कर लें अपना अकाउंट, वर्ना भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना, RBI ने नियमों किए हैं कई बदलाव

Updated at : 16 Aug 2021 4:39 PM (IST)
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चेक काटने से पहले चेक कर लें अपना अकाउंट, वर्ना भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना, RBI ने नियमों किए हैं कई बदलाव

देश के केंद्रीय बैंक आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) ने अभी हाल ही के महीनों में बैंकिंग नियमों में बदलाव किया है.

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RBI new rule: अगर आप किसी को चेक के जरिए पेमेंट करने जा रहे हैं, तो जरा सतर्क रहें और सावधानी पूर्वक चेक काटें. चेक काटने से पहले आप अपने बैंक अकाउंट को चेक कर लें कि उसमें फंड है या नहीं. आपके अकाउंट में बैलेंस नहीं होने की स्थिति में अगर आपका काटा हुआ चेक बाउंस हो जाता है, तो आपको लेने के देने पड़ सकते हैं. आपको जुर्माने का भुगतान करना पड़ सकता है.

रिजर्व बैंक ने बैंकिंग नियमों में किए हैं बदलाव

बता दें कि देश के केंद्रीय बैंक आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) ने अभी हाल ही के महीनों में बैंकिंग नियमों में बदलाव किया है. रिजर्व बैंक के नए नियम के अनुसार, अब देश के किसी भी बैंक में चौबीसों घंटे और सातों दिन बल्क क्लियरिंग होता रहेगा. अगर आपने किसी को पेमेंट करने के लिए चेक काटकर दिया है, तो वह अवकाश के दिन भी क्लियर हो सकता है. हालांकि, इसे क्लियर होने में पहले दो दिन का समय लगता था, लेकिन अब चेक डिपॉजिट करने के कुछ घंटे बाद ही वह क्लियर हो जाएगा. ऐसी स्थिति में अगर आपके अकाउंट में बैलेंस नहीं है और आपने किसी को चेक काटकर दे दिया. खुदा न खास्ता अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए उसने उसे तुरंत अपने बैक में जाकर डिपॉजिट कर देता है, तो कुछ ही घंटों में आपको लेने के देने पड़ सकते हैं.

7×24 क्लीयर होंगे चेक

रिजर्व बैंक के नए नियम के अनुसार, अब किसी भी बैंक के द्वारा काटा गया चेक किसी भी बैंक की ब्रांच में एनएसीएच के जरिए 7×24 क्लीयर होंगे. अब ये नॉन वर्किंग डे यानी साप्ताहिक अवकाश और नेशनल हॉलिडे के दिन भी काम करेगा. इसलिए अब चेक जारी करने से पहले देख लें कि अकाउंट में बैलेंस बचा है या नहीं. अगर आपके अकाउंट में बैलेंस नहीं होगा और चेक बाउंस हो गया, तो आपको अपने अकाउंट से जुर्माने का भुगतान करना होगा.

जानें क्या है एनएसीएच?

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा संचालित एनएसीएच के जरिये बल्क पेमेंट का काम किया जाता है. ये एक समय कई सारी क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा देता है. इसके अलावा, बल्क पेमेंट जैसे सैलरी, पेंशन, ब्याज, डिविडेंड आदि का भुगतान होता है. ये इलेक्ट्रिसिटी, गैस, टेलीफोन, वाटर, लोन की किश्त, निवेश, इंश्योरेंस प्रीमियम आदि की पेमेंट का काम भी करता है.

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जानिए क्या हैं हाई वैल्यू चेक पेमेंट के नियम?

रिजर्व बैंक ने जनवरी में पॉजिटिव पे सिस्टम को लागू किया किया था, ताकि चेक आधारित ट्रांजेक्शन को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके. पॉजिटिव पे सिस्टम में 50 हजार रुपये से अधिक की चेक पेमेंट के लिए डिटेल्स को दोबारा चेक किया जाता है. इस प्रक्रिया के तहत चेक जारीकर्ता इलेक्ट्रॉनिक रूप से क्लियरिंग के लिए पेश किए गए चेक से जानकारी देता है. जैसे चेक नंबर, चेक की तारीख, पेमेंट करने वाले का नाम, अकाउंट नंबर, राशि और अन्य विवरण आदि. जारीकर्ता को पहले जारी किये गए चेक की डिटेल भी आती है.

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