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नंबर वन बनने के कगार पर ChatGPT की क्रिएटर, 10 महीने में वैल्यू 3 गुना बढ़ने के आसार

Updated at : 19 Feb 2024 12:59 PM (IST)
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नंबर वन बनने के कगार पर ChatGPT की क्रिएटर, 10 महीने में वैल्यू 3 गुना बढ़ने के आसार

चैटजीपीटी की क्रिएटर ओपन एआई की मार्केट वैल्यू बढ़ने के आसार. फोटो: सोशल मीडिया

साल 2022 में ओपन एआई ने चैटजीपीटी की शुरुआत करके आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में क्रांति लाने में अहम भूमिका निभाई. इसके निवेशकों में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजन प्रमुख हैं. पिछले नवंबर 2023 में जब बोर्ड ने ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन को निकाल दिया था, तो कंपनी को आर्थिक नुकसान का संकट झेलना पड़ा, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के विरोध के बाद उन्हें दोबारा नौकरी पर रख लिया गया. इसके बाद ओपन आई ने काफी रिकवरी की.

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सैन फ्रांसिस्को: जेनरल आर्टफिशियल इंटेलीजेंस के मामले में चैटजीपीटी की क्रिएटर कंपनी ओपन एआई दुनिया में नंबर वन बनने के कगार पर पहुंच गई है. निवेशकों के साथ नया समझौता होने के बाद कैलिफोर्निया बेस्ड स्टार्टअप कंपनी ओपन एआई का मार्केट वैल्यू करीब 80 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है. अमेरिका के प्रमुख अंग्रेजी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले 10 महीनों में ओपन एआई का मूल्यांकन करीब तीन गुना बढ़ जाएगी. हालांकि, कंपनी ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि ओपन एआई सैन फ्रांसिस्को स्थित फर्म थ्राइव कैपिटल के नेतृत्व वाले निवेशकों को मौजूदा शेयर बेचेगी.

आर्टिफिशल इंटेलीजेंस में क्रांति लाई ओपन एआई

रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशकों के साथ किए गए समझौतों के अनुसार ओपन एआई अधिकारियों और कर्मचारियों को भी शेयरों की बिक्री करेगी. हालांकि, कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सैम ऑल्टमैन को कंपनी से निकाल दिए जाने के बाद कंपनी बड़े संकट में फंसने से तब बची, जब कुछ दिनों बाद ही उन्हें वापस लाया गया. ओपनएआई ने साल 2022 में आर्टफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में चैट जीपीटी को ऑनलाइन करके क्रांति लाने में अहम भूमिका निभाई. इंटरफेस की तत्काल सफलता ने अत्याधुनिक तकनीक में जबरदस्त रुचि जगाई, जो डिमांड के आधार पर टैक्स्ट, वाइस और फोटो बनाने में सक्षम है.

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माइक्रोसॉफ्ट ने हिस्सेदारी की दोगुनी

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ओपन एआई के निवेशकों में प्रमुख माइक्रोसॉफ्ट ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है. सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले कुछ सालों में ओपन एआई में करीब 13 बिलियन डॉलर का निवेश किया है. माइक्रोसॉफ्ट एआई क्रिएटर की क्षमताओं का इस्तेमाल करके नए टूल डेवलप करती है. इसका गूगल के साथ कड़ी टक्कर है. सबसे बड़ी बात यह है कि स्पेशल स्टार्ट-अप में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजन के भारी निवेश को देखते हुए जनवरी में अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग (एफटीसी) ने जांच शुरू भी की.

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नवंबर में संकट में फंसी थी ओपन एआई

2015 में एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में स्थापित ओपनएआई को पिछले नवंबर में एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा. इसके बोर्ड ने सिलिकॉन वैली के अधिक करिश्माई शख्सियतों में से एक कंपनी सीईओ सैम ऑल्टमैन को पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए निकाल दिया. इसके कुछ दिनों के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने उन्हें नौकरी पर रखने की कोशिश की, लेकिन ओपन एआई के अधिकारी और कर्मचारियों ऑल्टमैन को हटाने वालों को इस्तीफा देने की मांग पर अड़ गए. इसके बाद उन्हें दोबारा कंपनी में वापस बुलाया गया. ऑल्टमैन के काम पर वापस आने के बाद बोर्ड के कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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