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Budget 2025: रोटी, कपड़ा और मकान पर कितना टैक्स वसूलती है सरकार ? बजट से पहले जानें पूरी गणित

Updated at : 31 Jan 2025 7:56 PM (IST)
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मंत्री निर्मला सीतारमण

रोटी, कपड़ा और मकान पर कितना टैक्स वसूलती है सरकार ? बजट से पहले जानें पूरी गणित

Budget 2025: क्या मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी? जानें आटा, कपड़ा, मकान, चीनी, चाय, खाद्य तेल, कार और लक्जरी वस्तुओं पर सरकार कितना टैक्स वसूलती है और क्या बदलाव होगा

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Budget 2025: 1 फरवरी 2025 को  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2025 पेश करेगी. हर साल की तरह इस बार भी आम आदमी, खासकर मध्यम वर्ग, उम्मीद लगाए बैठा है कि क्या इस बार महंगाई से राहत मिलेगी? क्या आटा, कपड़ा और मकान सस्ते होंगे, या फिर टैक्स के बोझ तले दबा मध्यम वर्ग की हालत वैसी ही बनी रहेगी? इस उम्मीद से पहले आइए जानते हैं कि रोटी, कपड़ा, मकान, चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल, साबुन, टूथपेस्ट, शैंपू, कारों और अन्य लक्जरी वस्तुओं पर सरकार कितना टैक्स वसूलती है.

भारत में विभिन्न वस्तुओं पर GST दरें

वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत में लागू एक Indirect Tax प्रणाली है, जिसे 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया था. विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग जीएसटी दरें लागू होती हैं, जो उनकी आवश्यकताओं और श्रेणी के आधार पर निर्धारित की गई हैं.

जीएसटी दरों की प्रमुख श्रेणियां

जीएसटी चार मुख्य दरों में विभाजित है

  • 0%: आवश्यक वस्तुएं (जैसे अनपैक्ड अनाज, दालें आदि)
  • 5%: कुछ आवश्यक वस्तुएं और सामान्य उपयोग की चीजें
  • 12%: औद्योगिक उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ
  • 18%: उपभोक्ता वस्तुएं और गैर-जरूरी उत्पाद
  • 28%: लक्जरी और उच्च वर्ग की वस्तुएं

प्रमुख वस्तुओं पर लागू जीएसटी दरें

वस्तुजीएसटी दर
गेहूं का आटा (अनपैक्ड, बिना ब्रांड)0%
गेहूं का आटा (ब्रांडेड और पैक)5%
चावल, दालें (अनपैक्ड)0%
चावल, दालें (ब्रांडेड और पैक)5%
कपड़े (₹1,000 तक)5%
कपड़े (₹1,000 से अधिक)12%
मक्खन12%
दूध और डेयरी उत्पाद (शुद्ध दूध को छोड़कर)5% – 12%
जूते-चप्पल (₹500 तक)5%
जूते-चप्पल (₹500 से अधिक)18%
साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट18%
चीनी, चाय, कॉफी (इंस्टेंट को छोड़कर)5%
प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (जैम, सॉस, सूप आदि)12%
रेडीमेड कपड़े और गारमेंट्स12%
मोबाइल फोन18%
कारें (छोटी कारें)28%
लक्जरी कारें28% + सेस
सोर्स- जीएसटी आधिकारिक पोर्टल

जीएसटी दरों का प्रभाव

जीएसटी लागू होने के बाद विभिन्न उत्पादों की कीमतों पर असर पड़ा है. दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती हुई हैं, जबकि लक्जरी और उपभोक्ता उत्पाद महंगे हो गए हैं. सरकार समय-समय पर इन दरों की समीक्षा करती है और आवश्यकतानुसार बदलाव किए जाते हैं.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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