बजट 2025: सबसे ज्यादा 12.76 लाख करोड़ रुपए ब्याज चुकाने पर खर्च, 9 विभागों के बजट से डबल से भी ज्यादा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
Budget 2025: मोदी सरकार साल भर में जितने पैसे खर्च करती है, उसका 20 प्रतिशत सिर्फ कर्ज का ब्याज चुकाने में चला जाता है. निर्मला सीतारमण के बजट दस्तावेज से इसका खुलासा हुआ है. सरकार का कुल खर्च साल में 50.65 लाख करोड़ रुपए है, इसमें से 12.76 लाख करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज के भुगतान में चले जाएंगे. यह 9 विभागों के संयुक्त बजट की कुल राशि के डबल से भी ज्यादा है.
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Budget 2025 Expenditure: नरेंद्र मोदी की सरकार वर्ष 2025-26 में 50.65 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में यह जानकारी दी. बजट दस्तावेज बताते हैं कि परिवहन विभाग का बजट सबसे बड़ा है. रक्षा बजट दूसरे नंबर पर है. इन दोनों विभागों के बाद सबसे ज्यादा राशि सरकार सब्सिडी देने पर खर्च करती है. इसके बाद पेंशन, ग्रामीण विकास, गृह मंत्रालय, टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, आईटी एंड टेलीकॉम, ऊर्जा, वाणिज्य एवं उद्योग, वित्त, समाज कल्याण, साइंटिफिक डिपार्टमेंट्स, विदेश विभाग, पूर्वोत्तर के विकास और अन्य मद में खर्च किया जाता है.
9 विभागों का बजट 1.29 लाख करोड़ से 5.49 करोड़ रुपए के बीच
अगर पूरे बजट पर गौर करेंगे, तो 9 विभागों का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है. इन विभागों का बजट 1,28,650 करोड़ रुपए से 5,48,649 करोड़ रुपए तक है. वहीं, 10 विभाग ऐसे भी हैं, जिनका बजट 1 लाख करोड़ रुपए से कम है. इन विभागों का बजट 5,915 करोड़ रुपए से 98,311 करोड़ रुपए के बीच है. इन 10 में से 9 विभागों के बजट के दोगुना से भी ज्यादा सरकार को ब्याज का भुगतान करना पड़ता है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत सरकार को वर्ष 2025-26 में 12,76,338 करोड़ रुपए ब्याज का भुगतान करना है.
20 मद में मोदी सरकार का कुल खर्च 50.65 लाख करोड़ रुपए
निर्मला सीतारमण के बजट दस्तावेज में इस बात का जिक्र किया गया है. केंद्र सरकार ने खर्च के कुल 20 मद बताये हैं, जिसमें अन्य भी शामिल है. अन्य मद में कौन-कौन से खर्च हैं, यह स्पष्ट नहीं है. इस मद में 4,82,653 करोड़ रुपए सरकार खर्च करती है. बजट 2025 के दस्तावेज बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग, शहरी विकास विभाग, आईटी और टेलीकॉम विभाग, ऊर्जा विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, वित्त विभाग, समाज कल्याण विभाग, साइंटिफिक डिपार्टमेंट और विदेश मंत्रालय विभाग के कुल बजट की राशि से ब्याज की राशि ज्यादा है.

9 विभागों का कुल बजट 6,36,282 करोड़ रुपए
इन 9 मद में सरकार ने 6,36,282 करोड़ रुपए का खर्च बताया है. वहीं, ब्याज के मद में उसे 12,76,338 करोड़ रुपए का भुगतान करना है. यह राशि 6,36,282 करोड़ रुपए से 100 फीसदी से भी अधिक यानी डबल से भी ज्यादा है. बता दें कि स्वास्थ्य विभाग का बजट 98311 करोड़ रुपए, शहरी विकास विभाग का बजट 96777 करोड़ रुपए, आईटी और टेलीकॉम का बजट 95298 करोड़ रुपए, ऊर्जा विभाग का बजट 81174 करोड़ रुपए, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग का बजट 65553 करोड़ रुपए, वित्त विभाग का 62924 करोड़ रुपए, समाज कल्याण विभाग का 60052 करोड़ रुपए, साइंटिफिक डिपार्टमेंट का 55679 करोड़ रुपए और विदेश मंत्रालय का बजट 20517 करोड़ रुपए है.
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किस-किस मद में खर्च होंगे 50,65,345 करोड़ रुपए
| खर्च का मद/विभाग | खर्च की जाने वाली कुल राशि |
| ब्याज | 1276338 करोड़ रुपए |
| परिवहन | 548649 करोड़ रुपए |
| रक्षा | 491732 करोड़ रुपए |
| प्रमुख सब्सिडी | 383407 करोड़ रुपए |
| पेंशन | 276618 करोड़ रुपए |
| ग्रामीण विकास | 266817 करोड़ रुपए |
| टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन | 186632 करोड़ रुपए |
| कृषि और संबंधित गतिविधियां | 171437 करोड़ रुपए |
| शिक्षा | 128650 करोड़ रुपए |
| स्वास्थ्य | 98311 करोड़ रुपए |
| शहरी विकास | 96777 करोड़ रुपए |
| आईटी और टेलीकॉम | 95298 करोड़ रुपए |
| ऊर्जा | 81174 करोड़ रुपए |
| वाणिज्य और उद्योग | 65553 करोड़ रुपए |
| वित्त | 62924 करोड़ रुपए |
| समाज कल्याण | 60052 करोड़ रुपए |
| साइंटिफिक डिपार्टमेंट | 55679 करोड़ रुपए |
| विदेश मंत्रालय | 20517 करोड़ रुपए |
| पूर्वोत्तर का विकास | 5915 करोड़ रुपए |
| अन्य | 482653 करोड़ रुपए |
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By Mithilesh Jha
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