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बजट 2025: सबसे ज्यादा 12.76 लाख करोड़ रुपए ब्याज चुकाने पर खर्च, 9 विभागों के बजट से डबल से भी ज्यादा

Updated at : 01 Feb 2025 3:58 PM (IST)
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Budget 2025 Expenditure Nirmala Sitharaman

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Budget 2025: मोदी सरकार साल भर में जितने पैसे खर्च करती है, उसका 20 प्रतिशत सिर्फ कर्ज का ब्याज चुकाने में चला जाता है. निर्मला सीतारमण के बजट दस्तावेज से इसका खुलासा हुआ है. सरकार का कुल खर्च साल में 50.65 लाख करोड़ रुपए है, इसमें से 12.76 लाख करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज के भुगतान में चले जाएंगे. यह 9 विभागों के संयुक्त बजट की कुल राशि के डबल से भी ज्यादा है.

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‍Budget 2025 Expenditure: नरेंद्र मोदी की सरकार वर्ष 2025-26 में 50.65 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में यह जानकारी दी. बजट दस्तावेज बताते हैं कि परिवहन विभाग का बजट सबसे बड़ा है. रक्षा बजट दूसरे नंबर पर है. इन दोनों विभागों के बाद सबसे ज्यादा राशि सरकार सब्सिडी देने पर खर्च करती है. इसके बाद पेंशन, ग्रामीण विकास, गृह मंत्रालय, टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, आईटी एंड टेलीकॉम, ऊर्जा, वाणिज्य एवं उद्योग, वित्त, समाज कल्याण, साइंटिफिक डिपार्टमेंट्स, विदेश विभाग, पूर्वोत्तर के विकास और अन्य मद में खर्च किया जाता है.

9 विभागों का बजट 1.29 लाख करोड़ से 5.49 करोड़ रुपए के बीच

अगर पूरे बजट पर गौर करेंगे, तो 9 विभागों का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है. इन विभागों का बजट 1,28,650 करोड़ रुपए से 5,48,649 करोड़ रुपए तक है. वहीं, 10 विभाग ऐसे भी हैं, जिनका बजट 1 लाख करोड़ रुपए से कम है. इन विभागों का बजट 5,915 करोड़ रुपए से 98,311 करोड़ रुपए के बीच है. इन 10 में से 9 विभागों के बजट के दोगुना से भी ज्यादा सरकार को ब्याज का भुगतान करना पड़ता है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत सरकार को वर्ष 2025-26 में 12,76,338 करोड़ रुपए ब्याज का भुगतान करना है.

20 मद में मोदी सरकार का कुल खर्च 50.65 लाख करोड़ रुपए

निर्मला सीतारमण के बजट दस्तावेज में इस बात का जिक्र किया गया है. केंद्र सरकार ने खर्च के कुल 20 मद बताये हैं, जिसमें अन्य भी शामिल है. अन्य मद में कौन-कौन से खर्च हैं, यह स्पष्ट नहीं है. इस मद में 4,82,653 करोड़ रुपए सरकार खर्च करती है. बजट 2025 के दस्तावेज बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग, शहरी विकास विभाग, आईटी और टेलीकॉम विभाग, ऊर्जा विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, वित्त विभाग, समाज कल्याण विभाग, साइंटिफिक डिपार्टमेंट और विदेश मंत्रालय विभाग के कुल बजट की राशि से ब्याज की राशि ज्यादा है.

इन मदों में खर्च करती है केंद्र सरकार. फोटो : पीआईबी.

9 विभागों का कुल बजट 6,36,282 करोड़ रुपए

इन 9 मद में सरकार ने 6,36,282 करोड़ रुपए का खर्च बताया है. वहीं, ब्याज के मद में उसे 12,76,338 करोड़ रुपए का भुगतान करना है. यह राशि 6,36,282 करोड़ रुपए से 100 फीसदी से भी अधिक यानी डबल से भी ज्यादा है. बता दें कि स्वास्थ्य विभाग का बजट 98311 करोड़ रुपए, शहरी विकास विभाग का बजट 96777 करोड़ रुपए, आईटी और टेलीकॉम का बजट 95298 करोड़ रुपए, ऊर्जा विभाग का बजट 81174 करोड़ रुपए, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग का बजट 65553 करोड़ रुपए, वित्त विभाग का 62924 करोड़ रुपए, समाज कल्याण विभाग का 60052 करोड़ रुपए, साइंटिफिक डिपार्टमेंट का 55679 करोड़ रुपए और विदेश मंत्रालय का बजट 20517 करोड़ रुपए है.

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किस-किस मद में खर्च होंगे 50,65,345 करोड़ रुपए

खर्च का मद/विभागखर्च की जाने वाली कुल राशि
ब्याज1276338 करोड़ रुपए
परिवहन548649 करोड़ रुपए
रक्षा491732 करोड़ रुपए
प्रमुख सब्सिडी383407 करोड़ रुपए
पेंशन276618 करोड़ रुपए
ग्रामीण विकास266817 करोड़ रुपए
टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन186632 करोड़ रुपए
कृषि और संबंधित गतिविधियां171437 करोड़ रुपए
शिक्षा128650 करोड़ रुपए
स्वास्थ्य98311 करोड़ रुपए
शहरी विकास96777 करोड़ रुपए
आईटी और टेलीकॉम95298 करोड़ रुपए
ऊर्जा81174 करोड़ रुपए
वाणिज्य और उद्योग65553 करोड़ रुपए
वित्त62924 करोड़ रुपए
समाज कल्याण60052 करोड़ रुपए
साइंटिफिक डिपार्टमेंट55679 करोड़ रुपए
विदेश मंत्रालय20517 करोड़ रुपए
पूर्वोत्तर का विकास5915 करोड़ रुपए
अन्य482653 करोड़ रुपए
स्रोत : प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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