Budget 2025: शिक्षा पर अमेरिका 6%, चीन 4%, लेकिन भारत का खर्च जानकर रह जाएंगे दंग!

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Budget 2025: शिक्षा पर अमेरिका 6%, चीन 4% खर्च करता है, जबकि भारत का आंकड़ा चौंकाने वाला है. क्या भारत को शिक्षा बजट बढ़ाने की जरूरत है? जानिए पूरी रिपोर्ट.

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Budget 2025: शिक्षा किसी भी देश के सामाजिक और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार होती है. अमेरिका, चीन और भारत तीनों ही अपने शिक्षा क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश करते हैं, लेकिन उनके बजट आवंटन में काफी अंतर है. यह अंतर कुल बजट और जीडीपी (GDP) के प्रतिशत के रूप में देखा जा सकता है. इस लेख में हम पिछले पाँच वर्षों में इन तीनों देशों के शिक्षा बजट का तुलनात्मक अध्ययन करेंगे.

अमेरिका का शिक्षा बजट

अमेरिका में शिक्षा के लिए बजट संघीय, राज्य और स्थानीय सरकारों द्वारा मिलकर दिया जाता है. शिक्षा का एक बड़ा हिस्सा उच्च शिक्षा और अनुसंधान (Research & Development) में निवेश किया जाता है.

वर्षअमेरिका का शिक्षा बजट (अरब डॉलर में)GDP का प्रतिशत
20196786.2%
20207146.1%
20217406.0%
20227735.9%
20237905.8%
सोर्स- सरकारी रिपोर्ट

अमेरिका अपनी जीडीपी का लगभग 5.8% – 6.2% शिक्षा पर खर्च करता है, जो अन्य देशों की तुलना में काफी अधिक है.

चीन का शिक्षा बजट

चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, शिक्षा पर भारी निवेश करता है, विशेष रूप से विज्ञान और तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में.

वर्षचीन का शिक्षा बजट (अरब डॉलर में)GDP का प्रतिशत
20195644.0%
20206004.1%
20216254.2%
20226504.3%
20236704.3%
सोर्स- सरकारी रिपोर्ट

चीन अपनी जीडीपी का 4.0% – 4.3% शिक्षा क्षेत्र में निवेश करता है, जो अमेरिका से कम लेकिन भारत से अधिक है.

भारत का शिक्षा बजट

India Spending On Education: भारत में शिक्षा पर होने वाला खर्च मुख्य रूप से केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा आवंटित किया जाता है. हाल के वर्षों में, सरकार ने शिक्षा बजट को बढ़ाने के प्रयास किए हैं, लेकिन अभी भी यह वैश्विक औसत से कम है.

वर्षभारत का शिक्षा बजट (करोड़ रुपये में)GDP का प्रतिशत
201994,8533.1%
202099,3003.0%
202193,2242.9%
20221,04,2783.1%
20231,12,8993.2%
सोर्स- सरकारी रिपोर्ट

भारत अपनी जीडीपी का 2.9% – 3.2% शिक्षा पर खर्च करता है, जो अमेरिका और चीन की तुलना में काफी कम है.

अमेरिका, चीन और भारत के शिक्षा बजट की तुलना

देश2019 (अरब डॉलर)2020 (अरब डॉलर)2021 (अरब डॉलर)2022 (अरब डॉलर)2023 (अरब डॉलर)GDP का प्रतिशत
अमेरिका6787147407737905.8% – 6.2%
चीन5646006256506704.0% – 4.3%
भारत1341401311461582.9% – 3.2%
(नोट: भारतीय रुपये को डॉलर में बदलने के लिए 1 डॉलर = 70 रुपये का औसत विनिमय दर माना गया है.)

भारत को शिक्षा बजट क्यों बढ़ाना चाहिए?

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा: अमेरिका और चीन तेजी से शिक्षा में निवेश कर रहे हैं, जिससे वे विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं.
  • बढ़ती जनसंख्या: भारत में युवा आबादी सबसे अधिक है, लेकिन शिक्षा का बजट जीडीपी का मात्र 3.2% है, जो अपर्याप्त है.
  • तकनीकी विकास: उच्च शिक्षा और शोध कार्यों के लिए अधिक निवेश आवश्यक है, ताकि भारत स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ सके.

नीति निर्माताओं की सिफारिश: नीति आयोग और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने सिफारिश की है कि भारत को शिक्षा बजट को कम से कम 6% तक बढ़ाना चाहिए.

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अभिषेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By अभिषेक पाण्डेय

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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