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सरकार के सभी मंत्रालय और विभागों में BSNL-MTNL की सेवाएं जरूरी, कैबिनेट मीटिंग में मोदी सरकार ने किया यह बड़ा फैसला

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सरकार की संजीवनी बूटी अब करेगी काम.
सरकार की संजीवनी बूटी अब करेगी काम.
प्रतीकात्मक फोटो.

BSNL-MTNL Boostup Scheme : सरकारी दूरसंचार कंपनियां भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर संचार निगम लिमिटेड (MTNL) को क्या केंद्र की मोदी सरकार प्रोत्साहन देगी? वजह यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी सार्वजनिक क्षेत्र की इन दोनों दूरसंचार कंपनियों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्र की मोदी सरकार ने सभी मंत्रालयों और सरकारी विभागों में इन दोनों सरकारी दूरसंचार की सेवाएं अनिवार्य कर दिया है. इस संबंध में दूरसंचार विभाग (DOT) ने सर्कुलर जारी करके सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को अवगत करा दिया है.

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, दूरसंचार विभाग ने अपने सर्कुलर में कहा है कि केंद्र सरकार ने अपने सभी मंत्रालय, विभाग, सीपीएसई, केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं में बीएसएनएल और एमटीएनएल की सेवाएं अनिवार्य करने को मंजूरी दी है. उनके द्वारा 12 अक्टूबर को यह सर्कुलर जारी किया गया है. वित्त मंत्रालय की ओर से चर्चा करने के बाद केंद्र सरकार के सभी सचिवालय एवं विभागों के लिए यह सेवा लागू कर दी गई है.

केंद्रीय कैबिनेट ने दी है मंजूरी

दूरसंचार विभाग की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि सरकारी दूरसंचार कंपनियां बीएसएनएल और एमटीएनल सेवा अनिवार्य करने का फैसला मंत्रिमंडल ने किया है. सर्कुलर के अनुसार, सभी मंत्रालयों, विभागों, सीपीएसई और केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं को इंटरनेट, ब्रॉडबैंड, लैंडलाइन्स और लीज लाइन्स की सेवाओं के लिए बीएसएनएल और एमटीएनएल के नेटवर्क का ही इस्तेमाल करना होगा.

सरकारी कंपनियों का घाटा कम करने के लिए हुआ ये फैसला

सरकार की ओर से यह आदेश सरकारी दूरसंचार कंपनियों का घाटा कम करने के उद्देश्य से जारी किया गया है. ये कंपनियां तेजी से अपने कस्टमर बेस यानी ग्राहकों को खोती जा रही हैं. बीएसएनएल को वर्ष 2019-20 में 15500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जबकि इसी अवधि में एमटीएनएल को 3694 करोड़ रुपये का घाटा हुआ.

Posted By : Vishwat sen

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