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SIP से मोटी कमाई करा सकते हैं टॉप के ये 5 फंड्स, पैसों की लग जाएगी ढेर

Updated at : 19 Aug 2025 8:49 PM (IST)
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SIP Investment

एसआईपी के पांच बड़े फंड

SIP Investment: भारत में एसआईपी निवेश तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लंबे समय में मोटी कमाई का बेहतर विकल्प साबित हो रहा है. यदि आप अनुशासित निवेश से लाखों रुपये का लक्ष्य पाना चाहते हैं, तो मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, क्वांट स्मॉल कैप फंड और पराग पारीख फ्लेक्सी कैप जैसे टॉप एसआईपी फंड्स आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं. ये फंड्स 20% से अधिक रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं और आपके वित्तीय सपनों को साकार करने में मदद करेंगे.

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SIP Investment: भारत में एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) मोटी कमाई का तगड़ा विकल्प बन गया है. यह देश के युवा निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसका मुख्य कारण यह है कि इससे लॉन्ग टर्म में अनुशासित और सुरक्षित तरीके से लाखों रुपये की कमाई की जा सकती है. देश में कई ऐसे म्यूचुअल फंड्स हैं, जिनमें निवेश किया जा सकता है. लेकिन, कुछ चुनिंदा फंड्स ही ऐसे हैं, जो आपको बंपर रिटर्न दे सकते हैं और आपके सपनों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं. आइए, एसआईपी के जरिए निवेश करने के लिए टॉप के उन 5 फंड्स के बारे में जानते हैं, जिससे मोटी कमाई होने की संभावना है.

1. मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड

रैंकिंग के हिसाब से यह फंड सबसे टॉप पर है. खासकर, एसआईपी के जरिए निवेश करने पर इससे बंपर रिटर्न हासिल किया जा सकता है. डायरेक्ट ग्रोथ प्लान के साथ इस पर सालाना करीब 31.03% रिटर्न मिलता है. इस फंड का एयूएम लगभग 33,609 करोड़ रुपये है और न्यूनतम एसआईपी केवल 500 रुपये से शुरू की जा सकती है. इसका एक्सपेंस रेश्यो करीब 0.7% है, जो इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है. यह मिड-कैप फंड मध्यम अवधि के लिए एक संतुलित और विकासोन्मुख विकल्प है.

2. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड

एसआईपी फंडों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड दूसरे स्थान पर है, जिसने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है. इसके 1-वर्षीय रिटर्न करीब 30.61% (डायरेक्ट-ग्रोथ प्लान) है. इस फंड का एयूएम 7,941 करोड़ रुपये है और न्यूनतम एसआईपी केवल 500 रुपये से शुरू होती है. यह फंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश करता है और भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के विकास चक्र का लाभ उठाने की क्षमता रखता है. इसीलिए, यह सेक्टोरल निवेश में रुचि रखने वाले निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकता है.

3. क्वांट स्मॉल कैप फंड

क्वांट स्मॉल कैप फंड हाई रिस्क और बंपर रिटर्न की श्रेणी में आता है. इसने करीब 26.99% सालाना रिटर्न दिया है, जो इसे छोटे निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है. इस फंड का एयूएम करीब 29,463 करोड़ रुपये है. चूंकि यह स्मॉल कैप इक्विटी पर केंद्रित है, इसलिए इसमें जोखिम का स्तर अधिक है, लेकिन अनुभवी निवेशकों के लिए यह लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है.

4. क्वांट इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड

क्वांट इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड भी सेक्टोरल कैटेगरी का हिस्सा है और खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर केंद्रित है. इस फंड ने लगभग 24.21% सालाना रिटर्न दिया है. यह उन निवेशकों के लिए अधिक उपयोगी है, जो स्थिरता और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहते हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भारत की आर्थिक वृद्धि का अहम स्तंभ है, इसलिए इस क्षेत्र में निवेश लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न की संभावना बढ़ा सकता है.

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5. 20% से अधिक एसआईपी रिटर्न वाले दूसरे फंड

ईटी मनी और द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 सालों में कई फंड्स ने 20% से अधिक एसआईपी रिटर्न (एक्सआईआरआर) प्रदान किया है. इनमें प्रमुख तौर पर पराग पारीख फ्लेक्सी कैप फंड, क्वांट स्मॉल कैप फंड, मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड और क्वांट मिडकैप फंड शामिल हैं. ये फंड्स उन 156 फंड्स में से हैं, जिनमें से केवल 17 ने शानदार रिजल्ट दिए हैं. इसलिए, लंबी अवधि की एसआई रणनीति में इन फंड्स को शामिल करना निवेशकों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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