बांग्लादेश में महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, मिडिल ईस्ट युद्ध का सीधा असर

Published by :Abhishek Pandey
Published at :19 Apr 2026 6:05 PM (IST)
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Bangladesh Fuel Price Hike

सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Canva)

Bangladesh Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच बांग्लादेश ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 15% तक की बढ़ोतरी की है. ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पड़ोसी देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है.

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Bangladesh Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और सात हफ्तों से चल रहे ईरान युद्ध का असर अब दक्षिण एशियाई देशों की जेब पर पड़ने लगा है. बांग्लादेश सरकार ने शनिवार देर रात पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 10% से 15% तक की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है.

नई कीमतें एक नजर में

ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नई दरें अब इस प्रकार होंगी

  • पेट्रोल: 135 टका ($1.10) प्रति लीटर (पहले 116 टका था).
  • डीजल: 115 टका प्रति लीटर.
  • मिट्टी का तेल (Kerosene): 130 टका प्रति लीटर.
  • (नोट: $1 = 122.70 टका)

क्यों बढ़ानी पड़ी कीमतें ?

अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला लेना ‘अनिवार्य’ हो गया था क्योंकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसके पीछे मुख्य कारण हैं.

  • ईरान युद्ध: पिछले सात हफ्तों से जारी युद्ध के कारण तेल की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है.
  • बढ़ता खर्च: समुद्री रास्तों में असुरक्षा के कारण माल ढुलाई (Freight) और बीमा (Insurance) की लागत कई गुना बढ़ गई है.
  • विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव: बांग्लादेश अपनी ईंधन जरूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है. बढ़ते बिलों के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) तेजी से घट रहा है.

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

ईंधन की कीमतों में इस इजाफे से बांग्लादेश में महंगाई और बढ़ने की आशंका है.

  • परिवहन और कृषि: डीजल की कीमतें बढ़ने से बस-ट्रक का किराया बढ़ेगा और खेती की लागत में भी इजाफा होगा, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं.
  • ईंधन की किल्लत: देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोग भविष्य में और दाम बढ़ने के डर से भारी मात्रा में तेल स्टोर (Panic-buying) कर रहे हैं.
  • विदेशी कर्ज: ऊर्जा आयात को सुरक्षित करने के लिए ढाका ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से $2 बिलियन से अधिक की बाहरी वित्तीय सहायता मांगी है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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