Atal Bihari Vajpayee Net Worth: इतनी संपत्ति छोड़ गए थे अटल बिहारी वाजपेयी, जानें आज क्या है उसकी वैल्यू

अटल बिहारी वाजपेयी
Atal Bihari Vajpayee Net Worth: देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 100वीं जयंती है.आइए उनके जीवन की संपत्ति और सादगी भरे जीवन के कुछ पहलुओं पर नजर डालें
Atal Bihari Vajpayee Net Worth: देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 100वीं जयंती है. आज के दिन हर साल ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. उनकी सादगी और ईमानदारी राजनीति के लिए प्रेरणा हैं. आइए उनके जीवन की संपत्ति और सादगी भरे जीवन के कुछ पहलुओं पर नजर डालें.
Atal Bihari Vajpayee की संपत्ति
अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन उनकी सादगी का प्रतीक था. उन्होंने 2004 में अपने आखिरी चुनावी हलफनामे में संपत्ति की जानकारी दी थी.
- नकद राशि: 20,000 रुपए.
- बैंक बैलेंस: एसबीआई की दो शाखाओं में कुल 29,58,450 रुपए जमा थे.
- संसद भवन ब्रांच में: ₹25,75,562.
- एसबीआई नई दिल्ली में: ₹3,82,888.
- डाकघर और अन्य योजनाएं: नेशनल सेविंग्स स्कीम (NSS) और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स में ₹1,20,782.
- ज्वेलरी: उनके पास कोई आभूषण नहीं थे
Atal Bihari Vajpayee की स्थिर संपत्ति
- दिल्ली का फ्लैट: 22 लाख रुपए मूल्य का.
- ग्वालियर का पैतृक घर: 180 वर्ग फीट में बना, जिसकी कीमत करीब 6 लाख रुपए थी.
- भूमि: उनके नाम कोई कृषि या गैर-कृषि भूमि नहीं थी.
अटल जी संभवत भारत के इकलौते प्रधानमंत्री थे, जिनके पास खुद का बनाया हुआ घर नहीं था. उनका अंतिम हलफनामा बताता है कि उन्होंने अचल संपत्ति के कॉलम में ‘Nil’ लिखा था. हालांकि दिल्ली का फ्लैट और ग्वालियर का पैतृक घर उनके नाम दर्ज था.
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2004 में उनकी कुल संपत्ति का मूल्य लगभग ₹30 लाख था. अगर इसे मौजूदा बाजार दर और मुद्रास्फीति के हिसाब से आंका जाए, तो इसकी वैल्यू आज करीब ₹1.5 करोड़ हो सकती है. अटल बिहारी वाजपेयी ने 18 साल की उम्र में राजनीति में कदम रखा और 47 वर्षों तक संसद सदस्य रहे. उन्होंने अपने जीवन में ईमानदारी और पारदर्शिता की मिसाल पेश की. न तो उनके पास खुद का बनाया घर था और न कोई आभूषण और न ही उन्होंने कभी अपनी संपत्ति बढ़ाने पर जोर दिया.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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