LPG संकट का समाधान: हरियाणा का ‘अन्नमृत’ मॉडल, जहां PNG तकनीक से पक रहा है लाखों बच्चों का भोजन

खाना बनाते हुई महिला
हरियाणा में अन्नमृत संस्था ने एलपीजी संकट के बीच पीएनजी (PNG) आधारित आधुनिक किचन तकनीक अपनाकर एक नई मिसाल पेश की है. हर दिन करीब 1,956 स्कूलों के 2.87 लाख बच्चों को बिना रुकावट भोजन दिया जा रहा है.
देश में एलपीजी की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट संकट के कारण प्रभावित हुई सप्लाई चेन ने बड़े भोजनालयों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है. ऐसे समय में हरियाणा में अन्नमृत का पीएनजी (PNG) आधारित किचन मॉडल न केवल लागत कम कर रहा है, बल्कि भोजन की निरंतरता को भी बनाए हुए है. यह मॉडल दिखाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक और आध्यात्मिक मूल्यों का संगम एक बड़ी सामाजिक समस्या का समाधान कर सकता है.
हरियाणा की सबसे बड़ी रसोई
अन्नमृत की भोजन व्यवस्था प्रदेश की सबसे संगठित प्रणालियों में से एक है. वर्तमान में यह सेवा
- छात्र: प्रतिदिन लगभग 2,87,173 छात्रों तक पहुंच रही है.
- स्कूल: हरियाणा के 1,956 सरकारी स्कूलों में पौष्टिक भोजन पहुंचाया जा रहा है.
- राष्ट्रीय स्तर: देश भर में यह संख्या 12 लाख से अधिक दैनिक भोजन तक पहुंचती है.
एलपीजी से पीएनजी की ओर
बढ़ती गैस कीमतों के बीच अन्नमृत ने पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम कर दी है.
- निरंतर सप्लाई: पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग से सिलेंडर बदलने या खत्म होने का डर नहीं रहता.
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: गैस की खपत की सटीक निगरानी की जाती है, जिससे ऊर्जा की बर्बादी न्यूनतम होती है.
- आधुनिक उपकरण: स्वचालित चपाती मशीनें और नियंत्रित ताप प्रणालियां इस प्रकार डिजाइन की गई हैं कि कम ईंधन में अधिक भोजन तैयार हो सके.
- पर्यावरण सुरक्षा: विशेषज्ञों के अनुसार, पीएनजी का उपयोग एलपीजी की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को कम करता है, जिससे यह एक ‘ग्रीन किचन’ मॉडल बनता है.
भोजन से शिक्षा की मजबूती
नियमित और संतुलित भोजन का सीधा संबंध बच्चों की स्कूल में उपस्थिति और सीखने की क्षमता से है. जब ऊर्जा-दक्ष तकनीकों के कारण भोजन की लागत घटती है, तो उस बचत का उपयोग भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता बढ़ाने में किया जा सकता है. यह पहल केवल पेट भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा के बच्चों के भविष्य को भी सशक्त कर रही है.
Also Read : ईंधन संकट पर सरकार का दावा: 100% गैस सप्लाई और पर्याप्त तेल भंडार, अफवाहों पर न दें ध्यान
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










