Anil Ambani पर ED की 7,500 करोड़ रुपये की कार्रवाई, फिर भी बोले "मेरा बिजनेस झुकेगा नहीं!"

अनिल अंबानी बोले, बिज़नेस पर ED की कार्रवाई का कोई असर नहीं.
Anil Ambani: ED की एक बड़ी कार्रवाई ने बिजनेस जगत में हलचल मचा दी है. जी हां, अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली गई है. मुंबई के पॉश पाली हिल में स्थित आलीशान घर से लेकर कई कारोबारी प्रॉपर्टीज तक, सब कुछ अटैच कर लिया गया है. सवाल उठने लगे है की क्या इससे रिलायंस ग्रुप डगमगा जाएगा? लेकिन ग्रुप का दावा है, "हम पहले की तरह मजबूती से खड़े हैं." अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या वाकई ये कार्रवाई ग्रुप की साख को हिला पाएगी या अनिल अंबानी एक बार फिर हालात को अपने पक्ष में मोड़ देंगे?
Anil Ambani: हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़ी 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर लिया, जिसमें उनके मुंबई स्थित आलीशान घर से लेकर कई कमर्शियल प्रॉपर्टीज शामिल हैं. ये कदम मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है. लेकिन इसी बीच रिलायंस ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का उनके बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा कंपनियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित रखे हुए हैं.
क्या है पूरा मामला?
अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने मंगलवार को साफ किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त किए जाने का उनके ग्रुप की कंपनियों के बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा है. ग्रुप ने कहा कि Reliance Infrastructure Limited और Reliance Power Limited पहले की तरह ही सामान्य रूप से काम कर रही हैं और अपने शेयरहोल्डर्स व निवेशकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
किससे जुड़ी हैं ED की कार्रवाई?
ED ने 31 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत 42 संपत्तियां अटैच कीं है. इनमें अनिल अंबानी का मुंबई के पाली हिल स्थित घर भी शामिल है. ये कार्रवाई Reliance Communications और उसकी सहयोगी कंपनियों से जुड़ी है, जिन पर 2017 से 2019 के बीच YES बैंक से लिए गए लोन के दुरुपयोग का आरोप है.
अब कौन संभाल रहा है रिलायंस कम्युनिकेशंस?
रिलायंस ग्रुप के मुताबिक, Reliance Communications अब अनिल अंबानी के नियंत्रण में नहीं है. यह कंपनी पिछले छह सालों से दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) में है और इसका संचालन Resolution Professional (RP) और Committee of Creditors (CoC), जिसकी अगुवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कर रहा है, के पास है.
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अनिल अंबानी की क्या भूमिका है अब?
ग्रुप ने कहा कि अनिल अंबानी ने 2019 में Reliance Communications से इस्तीफा दे दिया था और पिछले तीन साल से Reliance Infrastructure या Reliance Power के बोर्ड में भी नहीं हैं. इसलिए बार-बार उनका नाम रिपोर्ट्स में आना “अनुचित और अनुचित रूप से भ्रामक” बताया गया है.
कितनी मजबूत है कंपनियों की स्थिति?
रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर दोनों शून्य बैंक ऋण वाली कंपनियां हैं. मार्च 2025 तक Reliance Infrastructure की संपत्ति 65,840 करोड़ रुपये और नेटवर्थ 14,287 करोड़ रुपये है, जबकि Reliance Power की संपत्ति 41,282 करोड़ रुपये और नेटवर्थ 16,337 करोड़ रुपये है. दोनों कंपनियों ने 29 अक्टूबर को SEBI में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने मार्केट मैनिपुलेशन और अवैध “bear cartel” के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
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लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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