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अमूल किस पेंच में फंस गया कि दही को लेकर सफाई देनी पड़ी?

Updated at : 06 Jan 2026 12:11 PM (IST)
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Amul Dahi

अमूल ने वीडियो में किए गए दावों को गलत बताते हुए कहा कि अमूल मस्ती दही का यह पैक FSSAI और कंपनी के सभी आंतरिक गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरा उतरता है.

Amul Masti Dahi: यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में यह दावा किया गया कि अमूल मस्ती दही ( Amul Masti Dah) के पाउच पैक गुणवत्ता जांच में सफल नहीं रहे. वीडियो के मुताबिक, पाउच दही में प्रति 100 ग्राम 4.95 ग्राम प्रोटीन पाया गया, जबकि पैकेज पर 4 ग्राम प्रोटीन का उल्लेख था

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Amul Masti Dahi:आजकल खाने-पीने को लेकर लोगों में सजगता बढ़ गई है. खासकर डाइट फॉलो करने वाले लोग तो नाप-तौल करके भी देखते हैं कि कितने कार्ब्स, प्रोटीन और न जाने कितने अन्य पैमाने पूरे हो रहे हैं. हम सभी को अच्छा और संतुलित भोजन करने का प्रयास करना चाहिए, चाहे वह फल हों,सब्जियां हों या डिब्बाबंद प्रोडक्ट्स. कई कंटेंट क्रिएटर अलग-अलग प्रोडक्ट्स को लेकर दावे करते हैं और रिव्यू देते रहते हैं कि कौन-सा फूड प्रोडक्ट सेहत के हिसाब से बेहतर है. इसी तरह अमूल के दही प्रोडक्ट को लेकर भी कुछ दावे किए गए थे, जिनके बाद कंपनी को सफाई देनी पड़ी. आखिर वे दावे क्या थे और कंपनी ने इस पर क्या कहा? चलिए जानते हैं.

दही के गुणवत्ता पर उठा सवाल

पूरा मामला ये है कि Trustified नाम के एक यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में यह दावा किया गया कि अमूल मस्ती दही ( Amul Masti Dah) के पाउच पैक गुणवत्ता जांच में सफल नहीं रहे. वीडियो के मुताबिक, पाउच दही में प्रति 100 ग्राम 4.95 ग्राम प्रोटीन पाया गया, जबकि पैकेज पर 4 ग्राम प्रोटीन का उल्लेख था. इसी तरह, जांच में 3.51 ग्राम फैट मिलने का दावा किया गया, जबकि लेबल पर इसकी मात्रा 3.1 ग्राम बताई गई थी.

इसके अलावा, वीडियो में यह भी कहा गया कि पाउच में पैक किया गया दही, कप में उपलब्ध दही की तुलना में कम स्वच्छ होता है. इन दावों के सामने आने के बाद उपभोक्ताओं के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि अमूल जैसी भरोसेमंद कंपनी पर इस तरह के आरोप आम तौर पर देखने को नहीं मिलते. हालात को स्पष्ट करने के लिए अमूल ने तुरंत सोशल मीडिया के माध्यम से अपना आधिकारिक बयान जारी किया और इन दावों को भ्रामक बताया.

कंपनी ने दी साफई

अमूल ने वीडियो में बताए गए इनफॉर्मेशन को गलत बताया और कहा कि अमूल मस्ती दही का यह पैक FSSAI द्वारा निर्धारित सभी गुणवत्ता मानकों के साथ-साथ अमूल के आंतरिक गुणवत्ता मानकों पर भी पूरी तरह खरा उतरता है. अमूल मस्ती दही का निर्माण ISO प्रमाणित डेयरियों में अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं के साथ किया जाता है और उपभोक्ताओं तक भेजे जाने से पहले यह 50 से अधिक कड़े गुणवत्ता परीक्षणों, जिनमें विभिन्न स्वच्छता से जुड़े परीक्षण भी शामिल हैं, से गुजरता है.

हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि पाउच और कप दोनों में पैक की गई अमूल मस्ती दही एक ही तरह की प्रोसेसिंग और स्वच्छता प्रक्रियाओं से गुजरती है. दोनों में केवल पैकेजिंग का अंतर होता है, जो उपभोक्ताओं की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है. कीमत में अंतर का स्वच्छता मानकों से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह केवल पैकेजिंग सामग्री की लागत में अंतर के कारण होता है. आगे अमूल ने यह भी कहा कि दही एक जीवित उत्पाद है, जिसमें लाभकारी बैक्टीरिया होते हैं, इसलिए इसे पैक पर दिए गए निर्देशों के अनुसार सावधानीपूर्वक संभालना आवश्यक है. हमें यह जानकारी नहीं है कि परीक्षण से पहले सैंपल किस प्रकार लिया गया और उसे किस तरह से हैंडल किया गया.

अमूल की सफाई

हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमने बैच नंबर SR04CM (यूज-बाय डेट: 07.12.25) के लिए अपनी निर्माण प्रक्रिया और गुणवत्ता स्वीकृति रिपोर्ट की पूरी तरह से समीक्षा की है. अमूल मस्ती दही का यह पैक FSSAI द्वारा निर्धारित सभी गुणवत्ता मानकों के साथ-साथ अमूल के आंतरिक गुणवत्ता मानकों पर भी पूरी तरह खरा उतरता है. अमूल मस्ती दही का निर्माण ISO प्रमाणित डेयरियों में अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं के साथ किया जाता है और उपभोक्ताओं तक भेजे जाने से पहले यह 50 से अधिक कड़े गुणवत्ता परीक्षणों, जिनमें विभिन्न स्वच्छता से जुड़े परीक्षण भी शामिल हैं, से गुजरता है.

इस तरह के वीडियो उपभोक्ताओं के बीच भ्रामक जानकारी फैलाने और अनावश्यक डर व चिंता पैदा करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं. यदि आपके कोई प्रश्न हों, तो कृपया हमारे टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर 1800 258 3333 पर संपर्क करें या हमें customercare@amul.coop
पर ईमेल करें.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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