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68 सालों के बाद क्या दोबारा टाटा का हुआ एयर इंडिया ? सरकार ने बताई इसकी सच्चाई

टाटा संस ने एयर इंडिया पर लगी बोली जीत ली है. इस बिड पर टाटा की लंबे समय पर नजर थी. इसे लेकर लंबे समय तक चर्चा है. टाटा की इस समय तो एयरलाइंस में स्टेक है. इस डील से 68 साल बाद एयर इंडिया फिर टाटा की हो गयी है. हालांकि, अब सरकार की ओर से इस पर स्पष्टीकरण भी आ गया है.

By Prabhat khabar Digital
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Air India Disinvestment
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टाटा संस ने एयर इंडिया पर लगी बोली जीत ली है. इस बिड पर टाटा की लंबे समय पर नजर थी. इसे लेकर लंबे समय तक चर्चा है. टाटा की इस समय तो एयरलाइंस में स्टेक है. इस डील से 68 साल बाद एयर इंडिया फिर टाटा की हो गयी है. हालांकि, अब सरकार की ओर से इस पर स्पष्टीकरण भी आ गया है. सरकार ने कहा है कि एअर इंडिया के फाइनेंशियल बिड को मंजूरी दिए जाने संबंधी खबरें गलत हैं. जब भी निर्णय लिया जाएगा, जानकारी दी जाएगी.

बता दें कि सूत्रों के हवाले से मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक बताया गया था कि एयर इंडिया के लिए पैनल ने टाटा ग्रुप को चुना है. एयर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप के साथ- साथ स्पाइसजेट के अजय सिंह ने बोली लगाई थी.

जेआरडी टाटा ने 1932 में टाटा एयरलाइंस की स्थापना की थी. दूसरे विश्व युद्ध के वक्त विमान सेवा पर रोक लगा दी गयी. विमान सेवाएं बहाल हुईं, तो 29 जुलाई 1946 को टाटा एयरलाइंस का नाम बदलकर एयर इंडिया लिमिटेड रख दिया गया. 1947 में एयर इंडिया की 49 फीसदी भागीदारी सरकार ने ले ली थी. 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण हो गया.

सरकार ने एयर कॉर्पोरेशन एक्ट पास किया और कंपनी के फाउंडर जेआरडी टाटा से मालिकाना हक खरीद लिया. इसी के बाद इसका नाम एयर इंडिया इंटरनेशनल लिमिटेड रख दिया गया . अब 68 साल बाद अपनी ही कंपनी को टाटा संस ने वापस खरीद लिया है.

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