अदाणी ग्रुप ने चुकाया 75,000 करोड़ रुपये टैक्स, पिछले साल से 29% अधिक

Adani Group Tax
Adani Group Tax: अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2024-25 में 29% वृद्धि के साथ 75,000 करोड़ रुपये का कर भुगतान किया. इसमें प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष कर और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी देनदारियां शामिल हैं. समूह की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों जैसे अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अंबुजा सीमेंट्स ने इसमें प्रमुख योगदान दिया. यह आंकड़ा भारत के सरकारी खजाने में अदाणी ग्रुप के बढ़ते योगदान को दर्शाता है और कॉर्पोरेट जिम्मेदारी के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.
Adani Group Tax: अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल 2024 से मार्च 2025) में केंद्र सरकार के खजाने में कुल 74,945 करोड़ रुपये का कर योगदान दिया है. यह आंकड़ा 2023-24 में दिए गए 58,104 करोड़ रुपये के मुकाबले 29% अधिक है. इस कुल राशि में प्रत्यक्ष कर, अप्रत्यक्ष कर और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा जैसे ईएसआई और पीएफ में किया गया योगदान भी शामिल है.
कौन-कौन सी कंपनियों ने चुकाया सबसे अधिक कर
अदाणी ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों में सबसे अधिक कर भुगतान अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL), अदाणी सीमेंट लिमिटेड (ACL), अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) और अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने किया है. इन कंपनियों की व्यावसायिक गतिविधियां ऊर्जा, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, निर्माण और ग्रीन एनर्जी जैसे विविध क्षेत्रों में फैली हैं, जिनका प्रत्यक्ष असर उनके कर दायित्वों पर पड़ा है.
सात प्रमुख कंपनियों ने निभाई अहम भूमिका
यह योगदान अदाणी ग्रुप की सात प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा प्रकाशित स्वतंत्र वार्षिक रिपोर्टों से लिया गया है.
- अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड
- अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड
- अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड
- अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड
- अदाणी पावर लिमिटेड
- अदाणी टोटल गैस लिमिटेड
- अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड
इसके अलावा, इस आंकड़े में एनडीटीवी, एसीसी और सांघी इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों द्वारा किया गया कर भुगतान भी जोड़ा गया है, जिन पर नियंत्रण इन सात कंपनियों के पास है.
इसे भी पढ़ें: मुर्गा हुआ सस्ता, कड़ाही में कूद रही तरकारी! दबा के चाभिए चिकन-भात
सरकार के लिए राजस्व में बड़ा योगदान
अदाणी ग्रुप द्वारा किया गया यह कर भुगतान केंद्र सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत है और यह देश की आर्थिक स्थिति और कॉर्पोरेट पारदर्शिता को दर्शाने वाला एक अहम संकेतक भी है. इससे यह भी स्पष्ट होता है कि ग्रुप की कारोबारी गतिविधियां तेजी से विस्तार कर रही हैं और वे देश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
इसे भी पढ़ें: महुआ मोइत्रा के पति पिनाकी मिश्रा के पास कितनी है संपत्ति, कहां से होती है इतनी आमदनी?
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




