नोटबंदी एक दिशाहीन मिसाइल, कहां गिरी, पता नहीं : अमर्त्य सेन

मुंबई : नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने नोटबंदी की कार्रवाई की आज फिर आलोचना करते हुए कहा कि यह एकतरफा तरीके से दागी गयी बिना दिशा की मिसाइल है और इसमें लोकतांत्रिक परम्पराओं का पालन नहीं किया गया. सेन ने यहां कहा, ‘समय-समय पर हम सरकार द्वारा एकतरफा ढंग से छोड़ी गयी मिसाइलों […]
मुंबई : नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने नोटबंदी की कार्रवाई की आज फिर आलोचना करते हुए कहा कि यह एकतरफा तरीके से दागी गयी बिना दिशा की मिसाइल है और इसमें लोकतांत्रिक परम्पराओं का पालन नहीं किया गया. सेन ने यहां कहा, ‘समय-समय पर हम सरकार द्वारा एकतरफा ढंग से छोड़ी गयी मिसाइलों का सामना करते आ रहे हैं. नोटबंदी भी इसी तरह की एक मिसाइल है. लोगों को परेशानी दिक्कतों की रपटें सामने आ रही है लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि यह मिसाइल गिरी कहां है.’
पिछली संप्रग सरकार द्वारा भारत रत्न से सम्मानित सेन ने यहां ‘सभी के लिए हेल्थकेयर’ विषय पर एक संगोष्ठी में कम्युनिस्ट चीन तथा भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों में फैसले करने की प्रक्रिया की तुलना करते हुए यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि चीन में फैसले लोगों के एक छोटे समूह के दृष्टिकोण पर किए जाते हैं जबकि हमारे यहां लोगों की मांग पर भी फैसले किए जाते हैं.
उन्होंने कहा कि हमारे यहां राजनीतिक फैसले ‘लोगों की राय के आधार पर होने चाहिए.’ सेन गत 8 नवबंर को 1000, 500 रुपये के पुराने नोटों को चलन से निकालने के सरकार के फैसले का पहले भी विरोध कर चुके है. उस समय अर्थव्यवस्था का 80 प्रतिशत से अधिक नकदी इन्हीं दो मूल्य के नोटों के रूप में जनता के पास पड़ी थी.
प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की घोषणा करते हुए जो लक्ष्य गिनाए थे उनमें कालेधन की अर्थव्यवस्था , जाली नोट और आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक के उद्येश्यों की बात प्रमुखता से कही गयी थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




