बीते साल आर्थिक मोर्चे पर देश को बड़ी कामयाबी, ब्रिटेन से आगे निकली भारतीय अर्थव्यवस्था
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Jan 2017 4:25 PM
नयी दिल्ली : भारतीय अर्थव्यवस्था ने 2016 में एक बडी उपलब्धि हासिल करते हुए कुछ समय के लिए ब्रिटेन को पीछे छोड़ा दिया जिसका भारत पर कभी राज था। लेकिन यह गौरव ज्यादातर कायम नहीं रह पाया. नोटबंदी तथा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने में देरी जैसे कारणों से भारतीय अर्थव्यवस्था में […]
नयी दिल्ली : भारतीय अर्थव्यवस्था ने 2016 में एक बडी उपलब्धि हासिल करते हुए कुछ समय के लिए ब्रिटेन को पीछे छोड़ा दिया जिसका भारत पर कभी राज था। लेकिन यह गौरव ज्यादातर कायम नहीं रह पाया. नोटबंदी तथा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने में देरी जैसे कारणों से भारतीय अर्थव्यवस्था में फिर पिछडकर छठे स्थान पर पहुंच गई. वर्ष 2016 के शुरु में सब कुछ शानदार नजर आ रहा था। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढती अर्थव्यवस्था था. लेकिन यह रफ्तार कायम नहीं रह पायी.
साल का अंत आते-आते सरकार ने 500 और 1,000 का नोट बंद करने की घोषणा की. इससे जहां लोगों का खर्च घटा, औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं. इससे व्यापक रुप से वृद्धि संभावनाओं को नीचे किया गया. साल की पहली छमाही में भारत को दुनिया में उम्मीद की किरण बताया जा रहा था। लेकिन उसके बाद ब्रेक्जिट, अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संरक्षणवादी कदम उठाने के संकेतों, सीरिया की स्थिति तथा कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी से यह लाभ सिमट गया.
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