ईरान-अमेरिका तनाव से कच्चे तेल में तेज उछाल, ब्रेंट 85 डॉलर के करीब
(Photo: Canva)
Oil Price Today: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है. सप्लाई में रुकावट की आशंका के चलते शुक्रवार को तेल की कीमतें अप्रैल के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रही हैं.
Oil Price Today: ब्रेंट क्रूड करीब 85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है.
इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 12% की तेजी आ चुकी है. बाजार में सबसे बड़ी चिंता दुनिया के कुछ बेहद अहम तेल मार्गों पर सप्लाई रुकने को लेकर है.
तेल की कीमतों में अचानक तेजी क्यों आई?
अमेरिका ने गुरुवार को ईरान पर एक बार फिर हमले किए. इससे एक दिन पहले ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल के पास एक ऑयल टैंकर पर हमले की खबर सामने आई थी. इसके अलावा, Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से कहा है कि अगर ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला होता है, तो वे Bab el-Mandeb Strait को बंद कर दें. यह रास्ता लाल सागर तक पहुंचने का एक अहम समुद्री मार्ग है और सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए भी महत्वपूर्ण है.
Strait of Hormuz को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
बाजार की सबसे बड़ी नजर Strait of Hormuz पर है. यह संकरा समुद्री रास्ता दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है. अगर यहां से तेल की आवाजाही में बड़ी रुकावट आती है, तो दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसी डर के चलते ब्रेंट क्रूड करीब एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है. इससे दूसरी तिमाही में आई तेल की तेज गिरावट का कुछ हिस्सा भी वापस आ गया है.
सिर्फ क्रूड नहीं, पेट्रोल-डीजल बाजार पर भी असर
इस तनाव का असर सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं है. अमेरिका और यूरोप में पेट्रोल और डीजल बाजार में भी सप्लाई को लेकर दबाव बढ़ रहा है. डीजल और गैसोलीन की रिफाइनिंग मार्जिन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है. रूस से फ्यूल एक्सपोर्ट में कमी ने भी स्थिति को और मुश्किल बना दिया है. यूक्रेन के हमलों के बाद रूस ने डीजल शिपमेंट पर कुछ पाबंदियां लगाई हैं.
Hormuz में जहाजों की आवाजाही कितनी प्रभावित हुई?
सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण Strait of Hormuz से टैंकरों की आवाजाही में तेज गिरावट देखी गई है. हालांकि, कुछ तेल अभी भी ओमान के तट के पास ship-to-ship transfer के जरिए भेजा जा रहा है. ट्रेडर्स अब यह भी देख रहे हैं कि ये वैकल्पिक रास्ते कितने समय तक सुरक्षित रहेंगे. ईरान ने इस हफ्ते की शुरुआत में UAE से कच्चा तेल ले जाने वाले कुछ जहाजों को निशाना बनाया था, जिससे समुद्री रास्तों को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
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By सौम्या शाहदेव
सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.
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