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ब्रिक्स को ब्रेक्जिट और अमेरिकी चुनाव से जोखिम : उर्जित पटेल

Updated at : 13 Oct 2016 10:51 PM (IST)
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ब्रिक्स को ब्रेक्जिट और अमेरिकी चुनाव से जोखिम : उर्जित पटेल

मुंबई : रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने आज कहा कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने (ब्रेक्जिट), अमेरिका में होने वाले चुनाव तथा यूरोप में नये राजनीतिक तालमेल समेत वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम ब्रिक्स समूह के देशों के समक्ष कुछ जोखिम पैदा कर सकते हैं और उनकी नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं. […]

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मुंबई : रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने आज कहा कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने (ब्रेक्जिट), अमेरिका में होने वाले चुनाव तथा यूरोप में नये राजनीतिक तालमेल समेत वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम ब्रिक्स समूह के देशों के समक्ष कुछ जोखिम पैदा कर सकते हैं और उनकी नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं. निवेश प्रवाह ब्रिक्स सेमिनार में पटेल ने कहा, ‘ब्रेक्जिट, अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव तथा यूरोप में नये राजनीतिक तालमेल जैसे वैश्विक घटनाक्रम हमारे (ब्रिक्स) रडार पर है और ये आने वाले समय में हमारी नीतियों को प्रभावित करेंगे.’ देश में 15-16 अक्तूबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले यह कार्यक्रम आयोजित किया गया.

ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं. पांच सदस्यीय समूह के लिये अन्य चुनौतियां निवेश को प्रोत्साहित करना, व्यापार माहौल में अनिश्चितता के मद्देनजर उसके असर का प्रबंधन तथा दुनिया के केंद्रीय बैंकों से नीतिगत अनिश्चितता के कारण वित्तीय बाजारों में उठा-पटक शामिल हैं. पटेल ने कहा कि ब्रिक्स देशों में चालू खाते के घाटों – अधिशेष के साथ ऐसा जान पडता है कि इन अर्थव्यवस्थाओं में पूंजी प्रवाह को निवेश योग्य संसाधनों में बदलने की क्षमता और साधनों का अभाव है.

उन्होंने जिंसों के क्षेत्र में प्रतिकूल स्थिति का जिक्र किया जिससे सभी ब्रिक्स देश प्रभावित हैं और उनके लिये वस्तुओं की कीमत चक्र के प्रबंधन की जरुरत को रेखांकित किया. उर्जित पटेल ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देशों को अपनी घरेलू अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार माहौल में सुधार के लिये कठिन मेहनत करने की जरुरत है ताकि निवेश को आकर्षक बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि समय के साथ न केवल ब्रिक्स का आकार बढा है बल्कि उसका कद भी ऊंचा हुआ है.

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि ब्रिक्स देशों की वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो न केवल वैश्विक स्तर पर 3.2 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान से अधिक है बल्कि उभरते बाजारों एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 4.2 प्रतिशत वृद्धि की संभावना से भी ऊंची है. उन्होंने साझा ब्रिक्स निवेश मंच का भी विचार दिया जो निवेश के माहौल में सुधार, एक-दूसरे सदस्य देशों में निवेश के अवसरों की पहचान, संस्थागत ढांचे के निर्माण को सुगम बनाने में देशों के अनुभवों को साझा करेगा.

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