सरकार के मेक इन इंडिया को झटका, मैन्यूफैक्चरिंग PMI सात माह के नीचे
Updated at : 01 Oct 2015 3:34 PM (IST)
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नयी दिल्ली : भारत के विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन सितंबर में सात महीने के निम्न स्तर 51.2 पर आ गया। निक्केई ने आज जारी सर्वेक्षण में कहा कि मुश्किल आर्थिक हालात के बीच नए आर्डर में नरमी आयी. विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन के मासिक मिश्रित संकेतक, निक्केई इंडिया विनिर्माण पीएमआई सितंबर में 51.2 पर रहा […]
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नयी दिल्ली : भारत के विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन सितंबर में सात महीने के निम्न स्तर 51.2 पर आ गया। निक्केई ने आज जारी सर्वेक्षण में कहा कि मुश्किल आर्थिक हालात के बीच नए आर्डर में नरमी आयी. विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन के मासिक मिश्रित संकेतक, निक्केई इंडिया विनिर्माण पीएमआई सितंबर में 51.2 पर रहा जो अगस्त में 52.3 था.
सूचकांक का 50 से उपर रहना विस्तार जबकि इससे कम रहना संकुचन का संकेतक है.इस रपट की लेखक और मार्किट की अर्थशास्त्री पॉलियाना डी लीमा ने कहा ‘‘नए काम-काज में निरंतर बढोतरी के बावजूद मुश्किल आर्थिक माहौल के कारण सितंबर में भारतीय विनिर्माण उत्पादन पर दबाव पडा.” लीमा ने कहा कि इसके बावजूद जुलाई से सितंबर के दौरान इस क्षेत्र की वृद्धि की संभावना उत्साहजनक है. पीएमआई आंकडों के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र का अप्रैल से जून तिमाही के मुकाबले सकल घरेलू उत्पादन में ज्यादा योगदान होगा.
सर्वेक्षण के मुताबिक पीएमआई पर नए आर्डर और उत्पादन में धीमी बढोतरी से दबाव पडा है, क्योंकि नए काम-काज में जून से अब तक सबसे कम वृद्धि हुई जिससे चुनौतीपूर्ण आर्थिक हालात का संकेत मिलता है.मूल्य स्थिति के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्पादन लागत में लगातार दूसरे महीने नरमी देखी गई है और विनिर्माताओं ने कम लागत को अपने ग्राहकों तक पहुंचाया है. लीमा ने कहा, ‘‘इस स्थिति से कंपनियों को बिक्री मूल्य पर मोलभाव करने के लिये अधिक गुंजाइश मिली है, जिससे विनिर्माताओं की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार आया है.”
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