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माफी मांगे या हर्जाना दे सहारा : मिराक

Updated at : 07 Feb 2015 4:31 PM (IST)
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माफी मांगे या हर्जाना दे सहारा : मिराक

न्यूयार्क : सहारा समूह और अमेरिकी कंपनी मिराक के बीच कथित फर्जीवाड़े की कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया है. अमेरिकी कंपनी ने आज सहारा समूह से कहा है कि उसकी छवि धूमिल करने के लिये समूह माफी मांगे. ऐसा नहीं होने पर मिराक ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है साथ ही अनुबंध […]

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न्यूयार्क : सहारा समूह और अमेरिकी कंपनी मिराक के बीच कथित फर्जीवाड़े की कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया है. अमेरिकी कंपनी ने आज सहारा समूह से कहा है कि उसकी छवि धूमिल करने के लिये समूह माफी मांगे. ऐसा नहीं होने पर मिराक ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है साथ ही अनुबंध की शर्त्तों का उल्लंघन करने पर 1.30 करोड डालर का हर्जाना मांगा है.
मिराक कैपिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सारांश शर्मा ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय को भेजे पत्र में कहा कि क्षतिपूर्ति की राशि सहारा द्वारा जांच पड़ताल तथा इससे जुड़ी लागत के लिए दी गई 26 लाख डालर के अलावा होगी. शर्मा ने हालांकि, यह पेशकश भी की है कि मिराक अभी भी सहारा के लिए 2.05 अरब डालर की सिंडिकेट ऋण व्यवस्था को आगे बढा सकता है. सहारा को यह राशि अपने प्रमुख सुब्रत राय को तिहाड़ जेल से छुडाने के लिए चाहिए जहां वह लगभग एक साल से बंद हैं.
मिराक ने शर्मा द्वारा राय को लिखा पत्र मीडिया को जारी करते हुये सहारा की विदेश स्थित तीनों परिसंपत्तियों की एकमुश्त खरीद का एक और विकल्प दिया है. तीसरे विकल्प के तौर पर अमरीकी कंपनी ने कहा है कि यदि सहारा औपचारिक तौर पर माफी मांगे और अपने आरोप वापस ले ले तो वह भारतीय समूह द्वारा दी गई 26 लाख डालर की राशि भी वापस कर देगा.
अभी तक इस पत्र पर सहारा की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं मिल पाई है. शर्मा ने कहा कि मिराक ने सात दिन पहले ही यह राशि (26 लाख डालर) वापस करने की पेशकश की थी लेकिन सहारा ने जोर दिया था कि मिराक खर्च के लिए इसे अपने पास रखे.
शर्मा ने कहा, हालिया सार्वजनिक घटनाक्रम के मद्देनजर यदि पूरी राशि वापस कर दी जाती है तो हम चाहेंगे कि मिराक के खिलाफ आपने जो झूठे आरोप लगाये हैं उन्हें सार्वजनिक तौर पर वापस लिया जाये. उन्होंने कहा, यदि सहारा सार्वजनिक तौर पर लगाये गये गलत आरोपों को वापस नहीं लेता है तो मिराक जांच-पडताल के बजट में से बची राशि का इस्तेमाल अनुबंध का उल्लंघन करने के आरापों तथा अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई के लिए करेगी. मिराक इसके साथ ही हर्जाने के तौर पर 1.30 करोड डालर की भी मांग करेगी जो कि उसे सौदा पूरा होने की स्थिति में प्राप्त होती.
शर्मा ने कहा, हम दोनों को पता है कि मिराक की तरफ से फर्जी पत्र का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि पत्र बैंक से सीधे सहारा के वकीलों को भेजा गया था. उन्होंने कहा, मैं उपरोक्त तीनों समाधानों में से किसी के तहत भी काम करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मैं आपको अपने करियर पर निशाना साधने और उसे बर्बाद नहीं करने दे सकता. खासकर तब, जब मेरी मंशा केवल इतनी है कि ऐसा समाधान हो जिससे इसमें शामिल हर पक्ष को फायदा हो.
मिराक ने कहा, सहारा इंडिया परिवार ने मिराक के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर जो गलत वक्तव्य जारी किये हैं, जिसे हम दोनों जानते हैं कि वह सही नहीं हैं, इसे देखते हुये बडे दुख के साथ आज मुङो आपको यह पत्र लिखना पडा है.
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