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रेलटेल समेत छह सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रमों के IPO लाने का रास्ता प्रशस्त

Updated at : 28 Dec 2018 7:21 PM (IST)
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रेलटेल समेत छह सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रमों के IPO लाने का रास्ता प्रशस्त

नयी दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र की रेलटेल समेत छह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का आईपीओ लाने की दिशा में सरकार ने रास्ता प्रशस्त कर दिया है. सरकार ने टीएचडीसीआईएल, टीसीआईएल और रेलटेल सहित छह सार्वजनिक उपक्रमों को सूचीबद्ध करने का फैसला किया है. ये उपक्रम आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लायेंगे. वहीं, केआईओसीआईएल को अनुवर्ती सार्वजनिक […]

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नयी दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र की रेलटेल समेत छह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का आईपीओ लाने की दिशा में सरकार ने रास्ता प्रशस्त कर दिया है. सरकार ने टीएचडीसीआईएल, टीसीआईएल और रेलटेल सहित छह सार्वजनिक उपक्रमों को सूचीबद्ध करने का फैसला किया है. ये उपक्रम आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लायेंगे. वहीं, केआईओसीआईएल को अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) लाने की अनुमति दी गयी है.

इसे भी पढ़ें : नरेन्द्र मोदी सरकार के पहले साल में 32 कंपनियों ने आईपीओ के लिए आवेदन किया

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने छह सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराने की अनुमति दे दी है. सीसीईए की गुरुवार को हुई बैठक में छह सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा आईपीओ लाने की मंजूरी दी गयी. एक सार्वजनिक उपक्रम के एफपीओ की अनुमति दी गयी है.

जिन छह कंपनियों के आईपीओ आने हैं, उनमें टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल), रेलटेल कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड, नेशनल सीड कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड (एनएससी), टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल), वॉटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (वैपकॉस) और एफसीआई अरावली जिप्सम एंड मिनरल्स इंडिया लिमिटेड (एफएजीएमआईएल) शामिल हैं. वहीं, कुद्रेमुख आयरन ओर कंपनी (केआईओसीएल) एफपीओ लेकर आयेगी.

प्रसाद ने कहा कि इन सार्वजनिक उपक्रमों की सूचीबद्धता से उनकी क्षमता और मूल्य को दोहन करने में मदद मिलेगी. उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री, सड़क परिवहन एवं पोत परिवहन मंत्री, संबंधित मंत्रालय के मंत्री वाला एक वैकल्पिक तंत्र केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) की सूचीबद्धता के लिए विनिवेश के तरीके, कितना विनिवेश किया जाना है, मूल्य और समय तय करेगा. इसमें वे सार्वजनिक उपक्रम भी शामिल हैं, जिन्हें भविष्य में सूचीबद्ध किया जाना है.

बाद में एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सीपीएसई की सूचीबद्धता के लिए पात्रता मानदंड का विस्तार किया गया है. इसमें कहा गया है कि सकारात्मक नेटवर्थ वाले तथा ऐसे सार्वजनिक उपक्रम जिनको पिछले तीन वर्ष के दौरान शुद्ध लाभ हुआ है, वे शेयर बाजारों पर सूचीबद्धता के पात्र होंगे. हालांकि, प्रसाद ने यह नहीं बताया कि ये आईपीओ या एफपीओ चालू वित्त वर्ष में आयेंगे कि नहीं.

ताजा आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अभी तक विनिवेश से 34,142.35 करोड़ रुपये जुटाये हैं. चालू वित्त वर्ष के लिए बजटीय लक्ष्य 80,000 करोड़ रुपये का है. बीते वित्त वर्ष 2017-18 में सरकार ने विनिवेश से कुल 1,00,056.91 करोड़ रुपये जुटाये थे, जबकि इसका संशोधित लक्ष्य 1,00,000 करोड़ रुपये था.

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