मैगी संकट से नेस्ले ने सीखा सबक, बोली- सोशल मीडिया के दौर में किसी भी चिंता को जल्द दूर करना जरूरी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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वेवे (स्विट्जरलैंड) : वैश्विक फूड और बेवरेज कंपनी नेस्ले ने मंगलवार को कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी चिंता को जल्द से जल्द हल करना जरूरी है. कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि 2015 के मैगी संकट से हमें यह सबक मिला है. नेस्ले के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मार्क श्नाइडर ने कहा कि बाजार में स्थानीय सरकारों तथा उपभोक्ताओं के साथ लगातार संपर्क में रहना भी बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि 2015 में मैगी नूडल मामले में यह रणनीति काम आयी थी.

उन्होंने कहा कि छोटी सी भी चिंता सोशल मीडिया और इंटरनेट पर तेजी से फैलती है. इससे बड़ी तेजी से किसी चीज के बारे में धारण बन जाती है. उन्होंने कहा कि हमेशा तथ्यात्मक रूप से सही होना महत्वपूर्ण है. साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि आप कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देते हो, क्योंकि किसी भी तरह की धारणा काफी तेजी से बन जाती है. भारत में मैगी संकट को याद करते हुए श्नाइडर ने कहा कि उस समय इस उत्पाद के खिलाफ एक हवा बन रही थी. उस समय हमें इससे काफी नुकसान हो रहा था. नेस्ले के इस लोकप्रिय उत्पाद को भारत में पांच महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया था.

यहां आये पत्रकारों के साथ गोलमेज में श्नाइडर ने कहा कि हम इससे जल्दी इसलिए उबर सके, क्योंकि यह उत्पाद सही पाया गया. यह हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण था. भारत कंपनी के महत्वपूर्ण बाजारों में है. नेस्ले इंडिया स्थानीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध है. 2017 में कंपनी ने 10,000 करोड़ रुपये की बिक्री का आंकड़ा पार किया था. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं नियामक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने जून, 2015 में मैगी पर पांच महीने के लिए प्रतिबंध लगाया था. मैगी में सीसे की मात्रा अनुमति योग्य सीमा से अधिक पायी गयी थी, जिसके बाद यह प्रतिबंध लगाया गया था.

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