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RBI ने पार्लियामेंटरी कमेटी के सामने नोटबंदी से कालेधन की समाप्ति की जानकारी होने से किया इनकार

Updated at : 04 Sep 2017 10:10 PM (IST)
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RBI ने पार्लियामेंटरी कमेटी के सामने नोटबंदी से कालेधन की समाप्ति की जानकारी होने से किया इनकार

नयी दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक ने एक संसदीय समिति से कहा है कि उसके पास इस बारे में ‘कोई सूचना’ नहीं है कि नोटबंदी से कितना कालाधन समाप्त हुआ है. साथ ही, केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसे यह भी पता नहीं है कि 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के बाद नोटों […]

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नयी दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक ने एक संसदीय समिति से कहा है कि उसके पास इस बारे में ‘कोई सूचना’ नहीं है कि नोटबंदी से कितना कालाधन समाप्त हुआ है. साथ ही, केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसे यह भी पता नहीं है कि 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के बाद नोटों को बदलने की प्रक्रिया में कितनी बेहिसाबी नकदी को वैध धन में बदला गया है. रिजर्व बैंक ने कहा कि नोटबंदी के बाद अनुमानत: 15.28 लाख करोड़ रुपये के बंद किये गये नोट लौटे हैं. भविष्य में सत्यापन की प्रक्रिया में इस आंकड़े में सुधार किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ेंः रिजर्व बैंक ने सालाना रिपोर्ट कहा, नोटबंदी के दौरान जमा नहीं हो पाये 1000 रुपये के 8.9 करोड़ नोट

केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसके पास इस बात की भी सूचना नहीं है कि क्या नियमित अंतराल के बाद नोटबंदी की किसी तरह की योजना है. केंद्रीय बैंक को बंद नोटों के आंकड़े देने में विलंब के लिए विपक्षी दलों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. हालांकि, सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि 8 नवंबर, 2016 को बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने के फैसले से कालेधन पर अंकुश लगाने में मदद मिली है. साथ ही, इसके अन्य फायदे भी हुए हैं.

पिछले सप्ताह आखिरकार रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद वापस लौटे नोटों का आंकड़ा सार्वजनिक किया है. इसमें कहा गया है कि नोटबंदी के बाद चलन से बाहर किये गये नोटों में से 15.28 लाख करोड़ रुपये तंत्र में वापस लौटे हैं. यह बंद नोटों का करीब 99 फीसदी बैठता है.

केंद्रीय बैंक ने यही आंकड़े वित्त पर संसद की स्थायी समिति से भी साझा किये हैं. समिति के सवालों के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा कि वापस लौटे नोटों के सत्यापन की प्रक्रिया अभी जारी है. वहीं, बैंकों और डाकघरों द्वारा स्वीकार किये गये 500 और 1000 के कुछ पुराने नोट अभी भी करेंसी चेस्ट में पड़े हैं. केंद्रीय बैंक ने यह भी सूचित किया है कि यह बड़ा आंकड़ा है. ऐसे में सत्यापन की प्रक्रिया को पूरा करने में अभी कुछ समय लगेगा. यह काम तेजी से जारी है और ज्यादातर रिजर्व बैंक कार्यालय दो पालियों में काम कर रहे हैं. इसके लिए हाई एंड सत्यापन मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

रिजर्व बैंक ने समिति को लिखित जवाब में कहा कि जब तक रिजर्व बैंक इन नोटों के आंकड़ों का पूरी तरह सत्यापन नहीं कर लेता, तब तक इसके बारे में अनुमान ही दिया जा सकता है. भविष्य में इसमें सुधार से पहले 30 जून तक कुल 15.28 लाख करोड़ रुपये के बंद नोटों का आंकड़ा उसके पास है. इस सवाल कि नोटबंदी से कितना कालाधन समाप्त हुआ है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसके पास इसकी कोई सूचना नहीं है. कितना कालाधन पुराने नोटों को बदलने की प्रक्रिया में सफेद हुआ है. इस पर भी रिजर्व बैंक ने यही जवाब दिया है कि उसके पास इसकी कोई सूचना नहीं है.

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