Union Budget 2023: बजट से डिफेंस सेक्टर की ये हैं उम्मीदें, क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बढ़ाएंगी फंड?

Union Budget 2023: वित्त मंत्री बजट के दौरान डिफेंस सेक्टर के लिए काफी महत्वपूर्ण ऐलान कर सकती हैं. पिछले साल के बजट की बात करें, तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 फीसद की बढ़ोत्तरी के साथ डिफेंस सेक्टर को 5.25 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए थे.
Union Budget 2023: इस बार के आम बजट से कई सेक्टर्स अपनी उम्मीदें लगाए बैठे हैं. इन्हीं में से एक डिफेंस सेक्टर (Defence Sector) भी है, जिसपर सरकार का हमेशा से बड़ा फोकस भी रहा है. रक्षा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता के मद्देनजर इस साल के बजट से काफी उम्मीदें हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट के दौरान डिफेंस सेक्टर के लिए काफी महत्वपूर्ण ऐलान कर सकती हैं.
पिछले साल के बजट की बात करें, तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 फीसद की बढ़ोत्तरी के साथ डिफेंस सेक्टर को 5.25 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए थे. इस साल के बजट में भी इस सेक्टर को बढ़ोत्तरी की उम्मीद है. देश में हथियारों और सेना के अन्य साजो सामान के प्रोक्योरमेंट को लेकर बढ़ी आत्मनिर्भरता से देश को उम्मीद है कि उन्हें बजट से काफी बूस्ट मिल सकता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में डिफेंस सेक्टर में रिसर्च के लिए 25 फीसदी का इजाफा किया था. पिछले साल आवंटित 2.33 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले रक्षा मंत्रालय को 2.39 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. मंत्रालय का रक्षा पेंशन बजट 1.19 लाख करोड़ रुपये था. डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया अभियान के तहत घरेलू उद्योगों को बढ़ावा घरेलू स्तर पर क्षमता विस्तार के लिए रक्षा क्षेत्र को बड़ी मदद दी गई थी. रक्षा क्षेत्र में रिसर्च, एआई और एसपीवी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था.
बताते चलें कि सरकार ने डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में साल 2024 तक 25 लाख करोड़ के टर्नओवर का लक्ष्य रखा है, जिसमें 5 लाख करोड़ के एक्सपोर्ट का भी लक्ष्य है. जिसको पूरा करने पर जोर देने के उम्मीद से भी सरकार बजट में बढ़ोत्तरी कर सकती है. साथ ही देश का डिफेंस खर्च लगातार बढ़ रहा है. सेना के मॉडर्नाइजेशन से लेकर सीमाओं पर चीन और पाकिस्तान की ओर से बढ़ रही चुनौतियां लगातार खर्चों को बढ़ा रही हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का रक्षा बजट चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा बजट है.
सरकार का प्लान डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाना है. इसके तहत तीनों सेनाओं के लिए आत्मनिर्भरता को बढ़ाने पर जोर दिया जाना है. साथ ही डिफेंस सेक्टर के आयात को न्यूनतम स्तर तक ले जाना है. रक्षा मंत्रालय के एक अनुमानित आंकड़े के अनुसार, सरकार ने पिछले कुछ सालों में घरेलू रक्षा उत्पादों के प्रोक्योरमेंट को 50 फीसद से बढ़ाकर 68 फीसद तक कर लिया है, ऐसे में इस बार यह आंकड़ा 75 से 80 फीसद तक पहुंचने का अनुमान है.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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