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बोकारो में बर्ड फ्लू को लेकर मची खलबली, दिल्ली व कोलकाता की सेंट्रल टीम ने की जांच, चिकित्सक-कर्मी कोरेंटीन

Updated at : 23 Feb 2023 8:28 AM (IST)
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बोकारो में बर्ड फ्लू को लेकर मची खलबली, दिल्ली व कोलकाता की सेंट्रल टीम ने की जांच, चिकित्सक-कर्मी कोरेंटीन

बोकारो में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन से लेकर सेंट्रल टीम तक रेस है. सेंट्रल टीम के सदस्यों ने विभाग को जांच सैंपल की मिली रिपोर्ट काे गहनता के साथ देखा. इसके साथ ही कई तरह के कागजातों की जांच की.

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बोकारो में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चौकन्ना हो गये हैं. लगातार मुर्गा-मुर्गी की मौत के बाद जिला प्रशासन से लेकर सेंट्रल टीम तक रेस है. बुधवार को सेंट्रल टीम के सदस्य बोकारो पहुंचे. टीम में कोलकाता सेंट्रल पशुपालन विभाग (रीजनल ऑफिस पूर्वी क्षेत्र) से डॉ जिमली शर्मा, कोलकाता से स्वास्थ्य विभाग के डॉ सीएस तलकर, डॉ अमित भौमिक व डॉ शिव कुमार शामिल थे. टीम सदस्य लोहांचल स्थित राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र पहुंचे. डॉ शर्मा ने पशुपालन विभाग का डाटा कलेक्ट किया. उन्होंने आसपास के पोल्ट्री फार्म (जहां चिकेन की संख्या अधिक है) में सैंपलिंग की जानकारी ली. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पोल्ट्री फार्म में हैंडलर व कर्मियों को 10 दिनों तक कोरेंटीन में रखने का निर्देश दिया. क्योंकि सभी संक्रमित मुर्गी के कॉन्टेक्ट में रहे हैं. डॉ अजय कुमार, डॉ अशोक कुमार व डॉ आभा कुमारी सैंपलिंग कार्य में लगाया गया है. केंद्रीय टीम की मौजूदगी में प्रक्षेत्र में 1040 अंडे सहित बची मुर्गियों को खत्म किया गया.

तीन फरवरी से मुर्गियों के मरने का शुरू हुआ था सिलसिला

जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार मणि ने कहा : बुधवार से ही सैंपलिंग शुरू हो गयी है. जरीडीह, सिवनडीह व चास सहित लगभग 25 जगहों पर सैंपलिंग की जा रही है. अब तक की जांच में कहीं बड़ी संख्या में मुर्गियों के मरने की सूचना नहीं मिली है. सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ भी स्पष्ट हो सकेगा. सहायक निरीक्षक डॉ प्रदीप कुमार ने कहा : पैनिक होने की जरूरत नहीं है. बचाव की जरूरत है. मुर्गियों के मरने की शुरुआत तीन फरवरी से हुई थी. इसके बाद सैंपल जांच के लिए भेजा गया था. पॉजिटिव रिपोर्ट 21 फरवरी को आयी थी, जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी.

कर्मियों के स्वास्थ्य की खास निगरानी का निर्देश

सेंट्रल टीम के सदस्यों ने विभाग को जांच सैंपल की मिली रिपोर्ट काे गहनता के साथ देखा. इसके साथ ही कई तरह के कागजातों की जांच की. विभाग द्वारा बनाये गये चिकित्सकों की टीम, क्विक रिस्पांस टीम, क्षेत्र कॉलिंग टीम सहित अन्य टीम की जानकारी ली. राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में कार्यरत सभी चिकित्सकों व कर्मचारियों को 10 दिनों तक कोरेंटीन रहने का निर्देश दिया. इस दौरान सभी के स्वास्थ्य पर खास निगरानी रखने की बात कही. स्वास्थ्य में किसी तरह का परिवर्तन होने की स्थिति में तुरंत ही सिविल सर्जन कार्यालय व एपीडेमोलॉजिस्ट से संपर्क करने का निर्देश भी दिया.

सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार

इससे पूर्व टीम के सदस्य सिविल सर्जन डॉ एबी प्रसाद से कैंप दो कार्यालय में मुलाकात की. बर्ड फ्लू से फैलने वाले बीमारी की समीक्षा की. विशेष सतर्कता बरतने को लेकर पूरी तैयारी करने को कहा. डॉ प्रसाद ने टीम को बताया कि सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है. साथ ही एहतियात के तौर पर चिकित्सकों की टीम भी बना दी गयी है. अब तक जिले में एक भी मरीज की शिनाख्त नहीं हुई है. अभी तक स्थिति सामान्य व नियंत्रण में है. एपीडेमोलॉजिस्ट पवन कुमार श्रीवास्तव ने टीम को बताया कि एहतियात के तौर पर सभी क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है.

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