बिहार शिक्षक बहाली: पति का है घर, फिर भी पत्नी को मिलेगा आरक्षण का लाभ, जानें सरकार का नया प्लान

Updated:
विज्ञापन

सामान्य प्रशासन विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्लूएस) के लिये आय और संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिये दिशा निर्देश जारी किया है. निर्देश में बताया गया कि अविवाहित महिला व पुरुष के मामले में आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र उनके पिता के मूल निवास जिस अंचल में है वहीं से निर्गत होगा

विज्ञापन

बिहार में 1.70 लाख पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होनी है, इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है. वहीं आवेदन के लिए आवास के आधार पर आरक्षण को लेकर सरकार ने नया प्लान बनाया है. जिससे लाखों महिलाओं को फायदा होगा. राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्लूएस) के लिये आय और संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिये दिशा निर्देश जारी किया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इडब्लूएस के आरक्षण के उद्देश्य से परिवार में अभ्यर्थी के माता-पिता और 18 वर्ष से कम आयु के भाई-बहन तथा पति-पत्नी व 18 वर्ष से कम आयु की संताने शामिल मानी जायेंगी.

आपके शहर में

विज्ञापन

विवाहित पुरुष के लिए इडब्लूएस

वहीं, विवाहित पुरुष के पक्ष में इडब्लूएस के निमित्त आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र उसके स्वयं के परिवार की आय एवं संपत्ति के आधार पर निर्गत होगा, जिसमें पुरूष अभ्यर्थी एवं पत्नी तथा 18 वर्ष से कम आयु की संताने सम्मिलित होंगी. यह प्रमाण पत्र अभ्यर्थी के मूल निवास स्थान (अंचल) से निर्गत होगा, जिसका निर्धारण अभ्यर्थी के पिता के मूल निवास के आधार पर किया जाएगा.

पिता के मूल निवास अंचल से जारी होगा प्रमाण पत्र

अविवाहित महिला और पुरुष के मामले में आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र उनके पिता के मूल निवास जिस अंचल के अंतर्गत आता है वहीं से निर्गत होगा. साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का प्रमाण पत्र भी पिता के मूल निवास (अंचल) से निर्गत होगा.

विवाहित महिलाओं को पिता के मूल निवास के आधार पर मिलेगा आरक्षण

विवाहित महिलाएं जिनके पिता बिहार राज्य के मूल निवासी हों और उनके द्वारा आरक्षण के लिए पति के आवास के आधार पर दावा किया गया हो, तो उनके दावे को केवल उनके पति के आधार पर जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र के आधार मात्र पर आरक्षण से वंचित नहीं किया जाएगा.

Also Read: BPSC Teacher Recruitment: बिहार में शिक्षक नियुक्ति परीक्षा की बदल गयी डेट, जानें अब किस दिन होगा एग्जाम
सामान्य प्रशासन विभाग को क्यों पड़ी स्पष्टीकरण देने की जरूरत

सरकारी नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग लिए (इडब्लूएस) आरक्षण का प्रावधान किया गया है. इसका लाभ उनको ही मिलेगा जिनके परिवार की सभी स्त्रोतों से कुल वार्षिक आय आठ लाख से कम होगी. राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण नियमावली के तहत विभिन्न प्रावधान किये गए है और इसमें परिवार की परिभाषा भी स्पष्ट की गयी है. इसके बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग से चयन करने वाली संस्थान और नियोक्ता से इडब्लूएस के परिवार के संबंध में स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है. इसलिये विभाग ने दोबारा से यह निर्देश जिलाधिकारियों को दिया है कि ताकि वे इस संंबंध में राजस्व कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दे सकें.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन