ePaper

बिहार: जमीन रजिस्ट्री में अब फर्जीवाड़ा होगा बंद, अब सीधे रजिस्ट्री ऑफिस से मिलेगा इ-स्टांप, जानें नया नियम

Updated at : 16 Apr 2023 10:14 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार: जमीन रजिस्ट्री में अब फर्जीवाड़ा होगा बंद,  अब सीधे रजिस्ट्री ऑफिस से मिलेगा इ-स्टांप, जानें नया नियम

बिहार के कोर्ट में बड़ी संख्या में जमीन रजिस्ट्री और फर्जी स्टांप पेपर से जुड़े मामले पड़े हैं. मगर अब, जमीन रजिस्ट्री व न्यायिक कार्य के लिए मिलने वाला इ-स्टांप की बिक्री अब रजिस्ट्री ऑफिस खुद करेगा.

विज्ञापन

बिहार के कोर्ट में बड़ी संख्या में जमीन रजिस्ट्री (Land Registry in Bihar) और फर्जी स्टांप पेपर से जुड़े मामले पड़े हैं. मगर अब, जमीन रजिस्ट्री व न्यायिक कार्य के लिए मिलने वाला इ-स्टांप की बिक्री अब रजिस्ट्री ऑफिस खुद करेगा. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग से मिली स्वीकृति के बाद सूबे के सभी रजिस्ट्री ऑफिस व कोर्ट परिसर में इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है. विभाग ने एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से इ-स्टांप एवं इ-कोर्ट फीस स्टाम्प की बिक्री करेगा. शुक्रवार को आंबेडकर जयंती की छुट्टी के दिन पूरे राज्य के रजिस्ट्री ऑफिस में इसका ट्रायल किया गया. हालांकि, इसमें अभी 50 फीसदी तक ही विभाग को सफलता मिल सकी है.

रजिस्ट्री ऑफिस में नन-ज्यूडिशियल एवं कोर्ट परिसर में ज्यूडिशियल इ-स्टांप

ट्रायल के दौरान जहां-जहां तकनीकी खामियां मिलीं. विभागीय स्तर पर सॉफ्टवेयर डेवलप करने वाली एजेंसी को सुधार का निर्देश दिया गया है. बता दें कि अब तक रजिस्ट्री ऑफिस में नन-ज्यूडिशियल एवं कोर्ट परिसर में ज्यूडिशियल इ-स्टाम्प की बिक्री स्टॉक होल्डिंग कंपनी को दी गयी थी. इसके एवज में उक्त कंपनी को सरकार की तरफ से 0.5 प्रतिशत का कमीशन मिलता था. खुद से स्टांप की बिक्री करने पर रजिस्ट्री ऑफिस को 0.5 प्रतिशत राशि बतौर कमीशन कंपनी को देना पड़ता था. वह राशि अब बचेगी. पूरी प्रक्रिया में विभाग की तरफ से बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक को मदद करने का निर्देश दिया गया है यानी, इ-स्टांप की होने वाली बिक्री के बाद राशि को-ऑपरेटिव बैंक में ही जमा होगी.

Also Read: बिहार: पूर्वी चंपारण में मौत का आंकड़ा 21 पहुंचा, जहरीली शराब की आशंका के बीच सीएम नीतीश कुमार का आया बयान
सॉफ्टवेयर के ट्रायल के कारण एक सप्ताह से बाधित है इ-स्टांप की बिक्री

रजिस्ट्री ऑफिस के साथ-साथ व्यवहार न्यायालय (कोर्ट परिसर) में सॉफ्टवेयर ट्रायल के कारण बीते एक सप्ताह से इ-स्टांप की बिक्री बाधित है. इससे ब्लैक में खरीदारी कर स्टॉक रखने वाले लोग मालामाल हो रहे हैं. 100 रुपये के टिकट को डेढ़ से दो सौ रुपये में बेचा जा रहा है. नन-ज्यूडिशियल स्टांप की बिक्री करने वाले रजिस्ट्री ऑफिस के वेंडर भी खूब कमाई कर रहे हैं.

कम गयी जमीन की रजिस्ट्री, 15 दिनों में महज 1100 रजिस्ट्री

मार्च क्लोजिंग के बाद अचानक जमीन की रजिस्ट्री कम गयी है. मार्च में जहां एक दिन में ढाई से तीन सौ के बीच जमीन के प्लॉट की खरीद-बिक्री हुई. वहीं, अभी रोजाना 50 से 70 दस्तावेजों की ही रजिस्ट्री हो पा रही है. एक से 15 अप्रैल के बीच महज 1100 जमीन के दस्तावेजों की रजिस्ट्री हुई है. डिस्ट्रिक्ट सब रजिस्ट्रार राकेश कुमार का मानना है कि मार्च में अधिक रजिस्ट्री होने के कारण अप्रैल महीने में असर पड़ रहा है. 31 मार्च से पहले जमीन के रेट बढ़ने व श्रेणी में बदलाव की चर्चा थी. इससे बड़ी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्री कराने का काम किया है. फिलहाल, कोई बदलाव नहीं हुआ है. इस कारण लोग धीरे-धीरे अपनी रजिस्ट्री करा रहे हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन