Bihar Chunav 2025: छठ खत्म, अब चुनाव की बारी! सीएम नीतीश आज मुजफ्फरपुर से भरेंगे सियासी हुंकार

Bihar Chunav 2025: छठ की सांस्कृतिक रोशनी के बाद अब बिहार में सियासत का ताप बढ़ने जा रहा है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गायघाट की जनता के बीच पहुंचकर चुनावी लहर को अपनी पार्टी के हक में मोड़ने की कोशिश करेंगे. पढ़िये गायघाट का पूरा समीकरण…
Bihar Chunav 2025: छठ पर्व के समापन के साथ ही बिहार की सियासत ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर के गायघाट विधानसभा क्षेत्र के बेरुआ मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे. यह सभा जेडीयू प्रत्याशी कोमल सिंह के समर्थन में आयोजित की जा रही है, जहां मुख्यमंत्री जनता से उन्हें जीत दिलाने की अपील करेंगे.
नीतीश की जनसभा से शुरू होगी प्रचार की नई पारी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब अपने चरम पर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छठ पर्व के कारण कुछ दिनों का प्रचार विराम लिया था, जो अब खत्म हो गया है. मंगलवार को वे मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट में अपने प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी बिगुल फूंकेंगे. जेडीयू को उम्मीद है कि नीतीश की मौजूदगी से यहां चुनावी समीकरण उनके पक्ष में झुकेंगे और मतदाताओं के बीच सुशासन की छवि को फिर से मजबूती मिलेगी. नीतीश कुमार के कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की यह सभा जिले की अब तक की सबसे बड़ी जनसभाओं में से एक होगी.
हॉट सीट बना गायघाट, जेडीयू-राजद में सीधी टक्कर
गायघाट विधानसभा क्षेत्र इस बार चुनावी नक्शे पर सबसे चर्चित सीटों में शामिल है. यहां जेडीयू की ओर से मैदान में उतरी कोमल सिंह और राजद के मौजूदा विधायक निरंजन राय के बीच सीधी टक्कर है. दोनों उम्मीदवारों ने अपने-अपने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने में पूरी ताकत लगा दी है. गायघाट की लड़ाई इस बार केवल दलों की नहीं, बल्कि पीढ़ियों की सियासी पहचान की लड़ाई बन चुकी है.
जदयू प्रत्याशी कोमल सिंह की विरासत मजबूत
कोमल सिंह का परिवार गायघाट की राजनीति से गहराई से जुड़ा रहा है. उनकी मां वीणा देवी इस क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं और फिलहाल वैशाली से सांसद हैं. वहीं उनके पिता जेडीयू के एमएलसी के रूप में संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं. ऐसे में परिवार के राजनीतिक प्रभाव का पूरा फायदा कोमल सिंह को मिल रहा है. नीतीश कुमार की जनसभा इसी पारिवारिक राजनीतिक परंपरा को जनता के बीच स्थायी विश्वास में बदलने की रणनीति का हिस्सा है.
CM नीतीश ने संभाली चुनावी कमान
कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश एक बार फिर अपने भाषण में सुशासन, विकास और स्थिर नेतृत्व की चर्चा करेंगे. वे यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि जेडीयू ही बिहार को राजनीतिक स्थिरता और प्रशासनिक पारदर्शिता दे सकती है. गायघाट की यह सभा नीतीश कुमार के राज्यव्यापी प्रचार अभियान की शुरुआत मानी जा रही है. यहां से उनका अगला पड़ाव दरभंगा और समस्तीपुर हो सकता है.
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लेखक के बारे में
By Aniket Kumar
अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.
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