PM Modi Bihar Visit: सीवान जिले के पचरुखी के जसौली में पीएम मोदी 20 जून को आ रहे है. पीएम मोदी के कार्यक्रम और रोड शो में अत्यधिक भीड़ होने की संभावना है, जिसे देखते हुए व्यापक तैयारी की जा रही. डीएम पवन कुमार सिन्हा द्वारा पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में संबंधित पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में चिन्हित मार्गों पर जगह-जगह शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये.
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मार्गदर्शन स्वरूप कई आवश्यक निर्देश
पीएम मोदी के कार्यक्रम में बेतिया, चंपारण से लोगों का वाहनों के माध्यम से आना-जाना होगा, जो जिले से होकर गुजरेंगे. जिसे लेकर कई दिशा-निर्देश दिये गये. वहीं आने जाने वाले लोगों को देखते हुए रूट प्लान तैयार करने के लिए टास्क दिया गया. बैठक में कहा गया है कोई भी छोटी से छोटी चूक कार्यक्रम को प्रभावित कर सकती है, इसलिए रूट मैप तैयार करते हुए संवेदनशील स्थलों पर फोर्स और मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ साथ प्रत्येक चिन्हित स्थल पर पेयजल की व्यवस्था करनी चाहिए.
सड़क पर जगह-जगह साइनेज लगाने का आदेश
सड़क पर जगह-जगह साइनेज लगाने के लिए बताया गया. प्रत्येक स्तर पर अत्यंत सजगता एवं सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यक्रम शत-प्रतिशत सफल हो सके. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाएगा. वीआईपी मूवमेंट एवं भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही की स्थिति में किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो. वहीं एसडीओ हथुआ अभिषेक कुमार चंदन द्वारा बताया गया कि उनके अनुमंडल अंतर्गत यूपी के समीपवर्ती जिलों की तरफ से भी भारी संख्या में वाहनों के आने की संभावना को देखते हुए चिन्हित स्थलों पर वाहनों के समुचित संचालन के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती आवश्यक होगी. वहीं डीएम ने चिन्हित स्थलों को करते हुए सूची उपलब्ध कराएं.
सीवान में पीएम के कार्यक्रम में सहभागी बनेंगे स्कूली रसोइया व टोला सेवक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर डीइओ योगेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई. बैठक में मध्याह्न भोजन योजना के डीपीओ ब्रजेश कुमार, प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ राजन कुमार एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता भी मौजूद रहे. बैठक में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में कार्यरत रसोइयां एवं टोला सेवकों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित करें. डीइओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक यह सुनिश्चित करें कि यह संदेश समय से सभी संबंधितों तक पहुंच जाए.