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Bihar Election 2025: लालू-तेजस्‍वी ने समाजवादी नेता शरद यादव के बेटे को दिया धोखा? वीडियो जारी कर लगाया आरोप

18 Oct, 2025 3:39 pm
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shantanu yadav| Sharad Yadav's son Shantanu Yadav accuses Lalu and Tejashwi of fraud after being denied a ticket

शांतनु यादव अपने पिता शरद यादव के साथ

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में मधेपुरा सीट पर बड़ा राजनीतिक मोड़ आया है. समाजवादी नेता शरद यादव के बेटे शांतनु यादव को आरजेडी ने टिकट नहीं दिया है. उनकी जगह पार्टी ने विवादों में घिरे पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर को उम्मीदवार बनाया है. जिससे शरद यादव के गढ़ में सियासी हलचल तेज हो गई है.

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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है. देश के दिग्गज समाजवादी नेता स्वर्गीय शरद यादव के बेटे शांतनु यादव को उनकी ही पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने टिकट नहीं दिया है. मधेपुरा सीट से जहां उनके चुनाव लड़ने की चर्चा जोर पकड़ रही थी, वहां अब पूर्व शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर को उम्मीदवार बनाया गया है. इससे शांतनु काफी नाराज हैं. उन्होंने वीडियो बनाकर लालू परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

पहले माना जा रहा था कि शरद यादव के परिवार की परंपरागत सीट मानी जाने वाली मधेपुरा से शांतनु को मौका मिलेगा. लेकिन RJD ने अंतिम समय में फैसला बदल दिया. टिकट कटने के बाद शांतनु ने वीडियो जारी कर लालू परिवार पर सीधा निशाना साधा और इसे “समाजवाद की हार” बताया.

टिकट कटने से नाराज शांतनु यादव का दर्द छलका

तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले शांतनु यादव को 2024 लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद यह भरोसा दिलाया गया था कि उन्हें विधानसभा चुनाव 2025 में मौका दिया जाएगा. इसके लिए वे लगातार मधेपुरा क्षेत्र में काम कर रहे थे. लेकिन अब जब पार्टी ने प्रो. चंद्रशेखर को टिकट थमा दिया, तो शांतनु के समर्थक भी निराश हैं.

यह मेरा नहीं, समाजवादी विचारधारा का अपमान- शांतनु

टिकट कटने के बाद शांतनु ने सोशल मीडिया पर पिता शरद यादव और तेजस्वी यादव की तस्वीर साझा करते हुए लिखा- “यह केवल मेरा नहीं, बल्कि समाजवादी विचारधारा का अपमान है. राजनीति में त्याग और निष्ठा की जगह षड्यंत्र और स्वार्थ ने ले ली है.”

विवादों में रहे प्रो. चंद्रशेखर को फिर टिकट

RJD ने मधेपुरा से प्रोफेसर चंद्रशेखर को उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. चंद्रशेखर वही नेता हैं जिन्होंने रामचरित मानस को लेकर विवादास्पद बयान देकर काफी बवाल मचाया था. शिक्षा मंत्री रहते हुए भी वे लगातार विवादों में घिरे रहे. बावजूद इसके, पार्टी ने उन्हें दोबारा मौका दिया है.

शरद यादव की विरासत और मधेपुरा का समाजवादी किला

मधेपुरा शरद यादव का राजनीतिक गढ़ रहा है. वे सात बार सांसद बने, जिनमें चार बार मधेपुरा से जीत दर्ज की. 1998 में वे लालू यादव से हार गए थे, लेकिन 1999 में उन्होंने लालू यादव को उसी सीट पर शिकस्त देकर वापसी की थी. समाजवादी राजनीति के बड़े स्तंभ के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी गहरी छाप छोड़ी.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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