Riga Vidhan Sabha: 2025 में फिर आमने-सामने होंगे मोतीलाल प्रसाद और अमित कुमार, मंत्री जी क्या कर पाएंगे कमाल
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 10 Jul 2025 8:50 PM
मोती लाल प्रसाद
Riga Vidhan Sabha: रीगा सीट से वर्तमान विधायक भाजपा के मोतीलाल प्रसाद हैं. प्रसाद अभी नीतीश कैबिनेट में मंत्री हैं. प्रसाद ने 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अमित कुमार को बड़े अंतर से हराया था. मोती लाल प्रसाद को कुल 95226 वोट मिले थे, जबकि अमित कुमार को 62731 वोट हासिल हुए थे. इस प्रकार भाजपा उम्मीदवार ने 32495 वोटों के अंतर से कांग्रेस को करारी शिकस्त दी थी. वहीं बीएसपी की मुन्नी सिंह 4255 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रही थीं.
Riga Vidhan Sabha: बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित रीगा विधानसभा सीट राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से एक अहम सीट मानी जाती है. यह सीट पहली बार 2010 में अस्तित्व में आई और तभी से यह राजनीतिक तौर पर चर्चाओं में रही है. यहां का मुकाबला हमेशा से भाजपा और कांग्रेस के बीच देखने को मिला है. जैसे-जैसे 2025 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं तो रीगा सीट पर भी सियासी हलचल तेज होती जा रही है.
2015 का रिजल्ट जानें
2015 में हालांकि कांग्रेस को सफलता मिली थी. तब अमित कुमार ने ही भाजपा के मोती लाल प्रसाद को 20856 वोटों के अंतर से हराया था. उस चुनाव में अमित कुमार को 79217 वोट, जबकि मोतीलाल प्रसाद को 58361 वोट मिले थे. वहीं तीसरे स्थान पर सीपीआई के अतुल बिहारी मिश्रा रहे थे, जिन्हें महज 4262 वोट मिले थे.
पहले चुनाव में क्या हुआ था
रीगा सीट पर पहला चुनाव 2010 में हुआ था, जिसमें भाजपा के मोतीलाल प्रसाद ने कांग्रेस के अमित कुमार को 22327 वोटों के अंतर से हराकर इस सीट का उद्घाटन किया था. उस चुनाव में मोती लाल को 48633 वोट, अमित कुमार को 26306 वोट और लोजपा की नगीना देवी को 18562 वोट मिले थे.
जातीय समीकरण और सियासी गणित
रीगा विधानसभा क्षेत्र में यादव, राजपूत और ब्राह्मण जातियों की आबादी सबसे अधिक है. इसके अलावा कोइरी समुदाय के वोटर भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं. यही वजह है कि जातीय समीकरण के आधार पर एनडीए, विशेषकर भाजपा को यहां बढ़त मानी जाती है. विकास के मोर्चे पर भी रीगा सीट का उल्लेख किया जा रहा है. हाल ही में रीगा चीनी मिल के दोबारा संचालन की शुरुआत हुई है, जिससे भाजपा को सियासी लाभ मिलने की उम्मीद है. स्थानीय जनता में इसका सकारात्मक असर देखा जा रहा है.
2025 में फिर दोहराई जाएगी पुरानी टक्कर?
ऐसे संकेत हैं कि भाजपा इस बार भी मोती लाल प्रसाद को ही मैदान में उतार सकती है, जिनकी पकड़ अब सीट पर मजबूत हो चुकी है. वहीं कांग्रेस से अमित कुमार एक बार फिर चुनावी रण में उतर सकते हैं, जो इस सीट से दो बार (2015 में जीत और अन्य दो बार करीबी हार) लड़ चुके हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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