NDA में 30 विधायक नेताओं के परिवार से, मांझी की बहू-समधन-दामाद और कुशवाहा की पत्नी भी जीतकर पहुंचीं विधानसभा

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 17 Nov 2025 11:53 AM

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एनडीए के घटक दल के नेता

Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव 2025 में एनडीए की भारी जीत के बाद परिवारवाद की बहस फिर गर्म हो गई है. परिणामों के बाद सामने आए आंकड़ों ने दिखाया है कि न सिर्फ विपक्ष, बल्कि खुद एनडीए की पार्टियों में भी बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार चुनाव जीतकर आए हैं, जिनका सीधा संबंध राजनीतिक परिवारों से है.

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Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव के नतीजों के बाद जहां एक ओर एनडीए की भारी जीत चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर गठबंधन के भीतर ‘परिवारवाद’ की चर्चा भी खूब हो रही है. आरोप केवल विपक्ष पर नहीं, बल्कि खुद एनडीए की पार्टियों के भीतर भी नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट और फिर जीत मिलने के मामलों ने एक बार फिर इस बहस को तेज कर दिया है.

मांझी की पार्टी ‘हम’ में 80% विधायक परिवारवादी

केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी इस मामले में सबसे आगे दिख रहे हैं. पार्टी को मिली 6 सीटों में से 5 पर रिश्तेदारों या राजनीतिक परिवार से जुड़े लोगों को टिकट दिया गया. मांझी की बहू दीपा कुमारी, समधन ज्योति देवी और दामाद प्रफुल्ल मांझी तीनों चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच गए हैं. अतरी सीट से जीते रोमित कुमार पूर्व सांसद अरुण कुमार के भतीजे हैं.

भाजपा के 12 विधायक राजनीतिक परिवार से

भाजपा ने 101 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 89 पर विजय हासिल की. इनमें 12 विधायक (12.35%) ऐसे हैं, जो किसी न किसी राजनीतिक परिवार से आते हैं.

  • सम्राट चौधरी (तारापुर)- पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के बेटे हैं.
  • नीतीश मिश्रा (झंझारपुर)- पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे हैं.
  • श्रेयसी सिंह (जमुई)- पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी है.
  • संजीव चौरसिया (दीघा)- पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद के बेटे हैं.
  • नितिन नवीन (बांकीपुर)- पूर्व विधायक नवीन सिन्हा के बेटे हैं.
  • सुजीत कुमार (गौड़ा बौराम)- पूर्व MLC सुनील कुमार के बेटे हैं.
  • रमा निषाद (औराई)- पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी
  • केदार नाथ सिंह (बानियापुर)- पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भाई
  • विशाल प्रशांत (तरारी)- पूर्व बाहुबली विधायक सुनील पांडे के बेटे
  • राकेश रंजन (शाहपुर)- भाजपा के बड़े नेता रहे विशेश्वर ओझा के बेटे
  • त्रिविक्रम नारायण सिंह (औरंगाबाद)- पूर्व राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह के बेटे
  • विनय सिंह (सोनपुर)- प्रभुनाथ सिंह के समधी और मांझी विधायक रणधीर सिंह के ससुर

जदयू में भी 11 परिवारवादी विधायक

जदयू में भी स्थिति भाजपा जैसी ही है. पार्टी के 11 सफल प्रत्याशी (12.9%) राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं.

  • अनंत सिंह (मोकामा)- बड़े भाई दिलीप सिंह मंत्री थे.
  • ऋतुराज कुमार (घोषी)- पूर्व सांसद अरुण कुमार के बेटे
  • चेतन आनंद (नबी नगर)- बाहुबली आनंद मोहन के बेटे
  • कोमल सिंह (गाय घाट)- जदयू MLC दिनेश सिंह और सांसद वीणा देवी की बेटी
  • शालिनी मिश्रा (केसरिया)- पूर्व सांसद कमला मिश्र मधुकर की बेटी हैं.
  • मंजीत कुमार सिंह (बरौली)- पूर्व विधायक बृज किशोर सिंह के बेटे हैं.
  • रणधीर कुमार सिंह (मांझी)- पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के बेटे
  • महेश्वर हजारी (कल्याणपुर)- पूर्व विधायक रामसेवक हजारी के बेटे हैं.
  • शुभेन्दु मुकेश (कहलगांव)- कांग्रेस के बड़े नेता रह चुके सदानंद सिंह बेटे हैं.
  • विभा देवी (नवादा)- पूर्व बाहुबली विधायक राजबल्लभ यादव की पत्नी
  • मनोरमा देवी (बेलागंज)- बाहुबली नेता बिंदी यादव की पत्नी

कुशवाहा और चिराग की पार्टी भी परिवारवाद से अछूता नहीं

उपेंद्र कुशवाहा ने सासाराम सीट से अपनी पत्नी स्नेहलता को अपनी पार्टी RLM से टिकट दिया और वे जीतकर विधायक बनीं. उनकी पार्टी से जीतने वाले 4 में से 2 विधायक नेताओं के रिश्तेदार हैं. वहीं चिराग पासवान की पार्टी ने 19 सीट जीतीं. इनमें से गोविंदगंज से राजन तिवारी के भाई राजू तिवारी चुनाव जीतकर आए हैं.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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