Budget 2023: EV पर सब्सिडी बढ़े, पार्ट्स पर GST घटे, तो तेज दौड़ेगी ऑटो इंडस्ट्री

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 01 Feb 2023 9:39 AM

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Union Budget 2023 पेश होने को है. ऑटो सेक्टर की नजरें Electric Vehicle पर मिलनेवाली सब्सिडी और स्पेयर पार्ट्स पर GST पर है. Finance Minister Nirmala Sitharaman से लोग Affordable EV के लिए ज्यादा सब्सिडी की उम्मीद लगा रहे हैं, वहीं कार कंपनियां भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए सरकार से मदद मांग रही हैं.

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Union Budget 2023 Expectations 2023: केंद्रीय बजट 2023 (Union Budget 2023) पेश होने को है. ऐसे में ऑटो सेक्टर की नजरें इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicle) पर मिलने वाली सब्सिडी और स्पयेर पार्ट्स पर लगनेवाले जीएसटी (GST) पर है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) से जहां लोग सस्ते ईवी (Affordable EV) के लिए ज्यादा सब्सिडी की उम्मीद लगा रहे हैं, वहीं कार निर्माता कंपनियां भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के दामों को कम करने के लिए सरकार की तरफ से और मदद मांग रही हैं. सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल (SMEV) ने बजट में इलेक्ट्रिक व्हीकल के स्पेयर पार्ट्स पर लगनेवाले जीएसटी को कम करने और सभी पार्ट्स पर समान 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने की मांग की है. इसके साथ ही, संगठन ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पर मिलनेवाली FAME 2 सब्सिडी को भी बढ़ाने की मांग की है. SMEV का कहना है कि फेम 2 की वैधता 31 मार्च 2024 को खत्म हो रही है. इसकी समय-सीमा बढ़ाने के साथ ही सब्सिडी की राशि बढ़ानी भी जरूरी हो गई है.

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सब्सिडी बढ़ाने की मांग

Electric Vehicle (इलेक्ट्रिक वाहन) बनानेवाले निर्माताओं के संगठन ने FAME II स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है. इस संगठन का कहना है कि सड़कों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की संख्या बढ़ाने के लिए हल्के से लेकर भारी कमर्शियल व्हीकल्स तक को इस स्कीम में शामिल किया जाना चाहिए. संगठन ने कहा है कि FAME II की वैलिडिटी 31 मार्च 2024 को खत्म हो जाएगी. फेम की वैलिडिटी को बढ़ाने की जरूरत है. संगठन ने कहा कि जितनी पैठ बननी चाहिए थी, उतनी फिलहाल नहीं बन पायी है. सब्सिडी इसे गति देने का काम करेगी. संगठन ने कहा कि बाजार के रुझानों से पता चलता है कि ईवी में, खासतौर से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में कुल टू-व्हीलर मार्केट के 20 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद भी ग्रोथ की क्षमता है. ऐसे में सब्सिडी की रकम और वैधता थोड़ी और बढ़ा दी जाए तो इंडस्ट्री को फायदा हो सकता है.

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सरकार दे रही इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा

दूसरी तरफ, सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लगातार बढ़ावा देने का काम कर रही है. इसके तहत सब्सिडी की रकम भी अच्छी दी जा रही है. सरकार की योजनाओं को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है ‌कि सरकार आनेवाले बजट में ऑटो मैन्युफैक्चरर्स और ईवी ग्राहकों को बड़ी राहत दे सकती है. क्योंकि सरकार का यह कदम भविष्य में बड़ा लाभदायक साबित होगा. उद्योग संगठन का अनुमान है कि 2022-23 में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की 10 लाख यूनिट्स की बिक्री ऑटो सेक्टर के लक्ष्य से 20 प्रतिशत तक कम रहने की उम्मीद है. संगठन का कहना है कि सरकार की तरफ से लगभग 1100 करोड़ रुपये की सब्सिडी रोके जाने के कारण बिक्री में कमी आ सकती है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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