EV खरीदने से पहले समझ लें Battery-as-a-Service का पूरा हिसाब, सस्ते के चक्कर में बाद में सौदा महंगा न पड़ जाए
बैटरी-ऐज-अ-सर्विस: EV की ओनरशिप कॉस्ट / एआई इमेज
इलेक्ट्रिक कार खरीदते समय Battery-as-a-Service (BaaS) एक चर्चित विकल्प बन गया है. यह मॉडल कार की शुरुआती कीमत को कम कर देता है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपके लिए महंगा साबित हो सकता है. BaaS का पूरा गणित समझें और अपनी कार की कुल लागत का मूल्यांकन करें.
इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए इन दिनों Battery-as-a-Service (BaaS) सबसे चर्चित विकल्प बन गया है. इस मॉडल में ग्राहक को कार की शुरुआती कीमत काफी कम दिखाई देती है, क्योंकि बैटरी की कीमत अलग कर दी जाती है. पहली नजर में यह डील बेहद आकर्षक लगती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कम शुरुआती कीमत का मतलब वास्तव में कम खर्च भी होता है? अगर आप भी नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो BaaS का पूरा गणित समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि लंबे समय में यही मॉडल आपकी जेब पर लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल सकता है.
शुरुआती कीमत कम, लेकिन बाद में बढ़ता जाता है खर्च
Battery-as-a-Service मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ग्राहक को कार खरीदते समय कम रकम चुकानी पड़ती है. उदाहरण के तौर पर कुछ इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआती कीमत बैटरी फाइनेंसिंग के कारण कई लाख रुपये तक कम हो जाती है. इससे ईएमआई भी कम दिखती है और पहली नजर में कार ज्यादा किफायती लगती है.
लेकिन यहां एक अहम बात छिपी होती है. बैटरी की कीमत अलग होने के कारण ग्राहक को हर महीने बैटरी इस्तेमाल का शुल्क भी देना पड़ता है. यानी कार की ईएमआई के साथ बैटरी का अलग भुगतान चलता रहता है. यही अतिरिक्त खर्च पांच से आठ साल के दौरान लाखों रुपये तक पहुंच सकता है.
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कम चलाने वालों के लिए पड़ सकता है महंगा सौदा
कई कंपनियां Battery-as-a-Service के तहत प्रति किलोमीटर चार्ज लेती हैं. अलग-अलग मॉडल में यह शुल्क लगभग 2.3 रुपये से 5 रुपये प्रति किलोमीटर तक हो सकता है. कुछ योजनाओं में न्यूनतम मासिक किलोमीटर की शर्त भी लागू रहती है.
अगर कोई ग्राहक हर महीने कम दूरी तय करता है, तब भी उसे तय न्यूनतम किलोमीटर का भुगतान करना पड़ सकता है. ऐसे में वास्तविक प्रति किलोमीटर खर्च काफी बढ़ जाता है. यही वजह है कि कम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए BaaS हमेशा फायदे का सौदा साबित नहीं होता.
खरीदने से पहले कुल Ownership Cost जरूर निकालें
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल कम एक्स-शोरूम कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. किसी भी इलेक्ट्रिक कार की कुल Ownership Cost में वाहन की ईएमआई, बैटरी भुगतान, चार्जिंग खर्च, बीमा और मेंटेनेंस सभी शामिल होते हैं.
अगर आप रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, तब Battery-as-a-Service कुछ मामलों में बेहतर विकल्प बन सकता है. लेकिन सीमित उपयोग करने वाले ग्राहकों को पूरे कार्यकाल का कुल खर्च पहले से जोड़कर देखना चाहिए. कई बार बिना BaaS वाली कार लंबे समय में ज्यादा सस्ती साबित हो सकती है.
कंपनियां क्यों बढ़ा रही हैं BaaS पर जोर?
ऑटो कंपनियों का मानना है कि Battery-as-a-Service का उद्देश्य इलेक्ट्रिक कारों को ज्यादा लोगों की पहुंच में लाना है. बैटरी को अलग फाइनेंस करने से शुरुआती कीमत कम हो जाती है और ग्राहक आसानी से EV खरीदने का फैसला ले पाते हैं.
हालांकि कई कंपनियां यह भी मानती हैं कि बड़ी संख्या में ग्राहक अब भी बैटरी समेत पूरी कार खरीदना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे भविष्य में अतिरिक्त मासिक भुगतान की चिंता नहीं रहती. ऐसे में आने वाले समय में दोनों विकल्प बाजार में साथ-साथ देखने को मिल सकते हैं.
BaaS लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप Battery-as-a-Service वाली इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले प्रति किलोमीटर चार्ज, न्यूनतम मासिक बिलिंग, बैटरी वारंटी, कॉन्ट्रैक्ट की अवधि और कुल Ownership Cost की अच्छी तरह तुलना करें. केवल कम शुरुआती कीमत देखकर फैसला लेने से भविष्य में बजट बिगड़ सकता है. सही विकल्प वही होगा जो आपके मासिक ड्राइविंग पैटर्न और लंबे समय के खर्च के हिसाब से सबसे बेहतर बैठे.
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By राजीव कुमार
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जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.
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