Ather Rizta क्यों है फैमिली के लिए परफेक्ट स्कूटर? इन 5 पॉइंट्स में समझिए

Ather Rizta (Photo: Ather Energy)
Ather Rizta एक ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर है जो खास तौर पर फैमिली यूज को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसमें आरामदायक सीटिंग, बड़ा स्टोरेज, भरोसेमंद रेंज और आसान राइडिंग एक्सपीरियंस मिलता है. इसका सिंपल और प्रैक्टिकल डिजाइन रोजमर्रा की भारतीय जरूरतों के लिए इसे एक स्मार्ट ऑप्शन बनाता है.
आजकल Ather Rizta को आप लगभग हर जगह देख सकते हैं. स्कूल के बाहर, अपार्टमेंट पार्किंग में, ऑफिस के बाहर या फिर किराने की दुकान के पास. ये थोड़ा दिलचस्प है, क्योंकि पहले Ather को लोग ज्यादातर उनके स्पोर्टी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स जैसे 450X के लिए जानते थे. लेकिन Rizta थोड़ा अलग है. ये स्कूटर साफ तौर पर फैमिली यूज को ध्यान में रखकर बनाया गया है. यहां फोकस तेज स्पीड या परफॉर्मेंस के आंकड़ों पर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों पर है. शायद यही वजह है कि ये लोगों को पसंद आ रहा है. आइए अब जानते हैं वो 5 बातें जो इस स्कूटर को खास बनाती है.
सीट सच में फैमिली के लिए बनी हुई लगती है
Ather Rizta पर बैठते ही सबसे पहले जो चीज ध्यान खींचती है, वो है इसकी सीट की लंबाई. कंपनी का दावा है कि ये करीब 900 mm लंबी है. जहां कई स्पोर्टी स्कूटर्स में पीछे बैठने वाला (pillion) थोड़ा असहज या टाइट महसूस करता है, वहीं Rizta में दोनों लोगों के लिए अच्छी-खासी जगह मिलती है. मतलब साफ है. ये स्कूटर सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा की फैमिली जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया लगता है.
स्टोरेज स्पेस सच में काम का है
यही वो चीज है जहां Rizta सबसे ज्यादा प्रैक्टिकल लगती है. इसमें 34 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है और Ather की तरफ से 22 लीटर का एक ऑप्शनल फ्रंट स्टोरेज भी दिया जाता है. यानी दोनों को मिलाकर कुल 56 लीटर का बड़ा स्टोरेज स्पेस हो जाता है. शोरूम में जाते ही भारतीय खरीदारों की नजर सबसे पहले इसी चीज पर जाती है. रोजमर्रा की जरूरतें जैसे ग्रोसरी, ऑफिस बैग, हेलमेट या स्कूल का सामान लोग ऐसे स्कूटर चाहते हैं जिनमें ये सब आराम से आ जाए.
डेली यूज में इसका रेंज थोड़ा ज्यादा रिलैक्स्ड फील देता है
Rizta में अलग-अलग बैटरी ऑप्शन मिलते हैं, जिनमें कुछ वर्जन में कंपनी का दावा 159 km तक की IDC रेंज का है. अब सच यही है कि असली ट्रैफिक और रोजमर्रा की सवारी में ये नंबर हर बार मिलना मुश्किल होता है. लेकिन फिर भी, ज्यादा रेंज का फायदा ये होता है कि दिमाग में एक तरह की चार्जिंग टेंशन कम हो जाती है.
इसे चलाते समय कोई डर या दबाव महसूस नहीं होता
कुछ इलेक्ट्रिक स्कूटर ऐसे होते हैं जो बहुत ही तेज या थोड़े अग्रेसिव फील देते हैं, लेकिन Rizta वैसा बिल्कुल नहीं है. इसकी राइडिंग पोजिशन सीधी और आरामदायक है, थ्रॉटल रिस्पॉन्स भी काफी स्मूद और शांत रहता है. ट्रैफिक में भी यह बहुत प्रेडिक्टेबल तरीके से बिहेव करता है.
यह रोजमर्रा के भारतीय इस्तेमाल पर फोकस करता है
Rizta की पॉपुलैरिटी का सबसे बड़ा कारण यही है कि इसे असल में भारतीय राइडिंग कंडीशंस को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसमें मिलने वाला फ्लैट फ्लोरबोर्ड, रिवर्स मोड, ट्रैक्शन कंट्रोल और AutoHold जैसे फीचर्स इसे सिर्फ टेक्नोलॉजी से भरपूर नहीं, बल्कि बहुत ज्यादा प्रैक्टिकल बनाते हैं. ज्यादातर फैमिली स्कूटर खरीदने वाले लोग सबसे तेज EV नहीं ढूंढ रहे होते, बल्कि उन्हें ऐसा स्कूटर चाहिए जो आरामदायक हो, रोजाना आसानी से चल सके और लंबे समय में पेट्रोल स्कूटर से सस्ता पड़े. Rizta ठीक इसी जरूरत को पूरा करता है.
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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
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