ePaper

वाइब्रेंट गुजरात में शिरकत नहीं करेंगे एलन मस्क, लेकिन भारत में लगाएंगे प्रोडक्शन प्लांट

Updated at : 13 Jan 2024 8:04 AM (IST)
विज्ञापन
वाइब्रेंट गुजरात में शिरकत नहीं करेंगे एलन मस्क, लेकिन भारत में लगाएंगे प्रोडक्शन प्लांट

गुजरात औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता ने मस्क के बुधवार से शुरू हुए वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर राज्य सरकार के एक अधिकारी ने नकारात्मक उत्तर दिया. एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मस्क के आने की उम्मीद नहीं है.

विज्ञापन

गांधीनगर: टेस्ला इंक के मालिक और दुनिया के दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क गुजरात में आयोजित वैश्विक कार्यक्रम वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे, लेकिन वे उसी गुजरात में इलेक्ट्रिक बनाकर भारत में बेचने और फिर उसका दुनिया के दूसरे देशों में निर्यात करने के लिए प्रोडक्शन प्लांट बनाना चाहते हैं. इसके लिए वे अमेरिकी सरकार के जरिए भारत सरकार पर टैक्स और आयात शुल्क पर छूट पाने के साथ ही खुद के फायदे के लिए इलेक्ट्रिक मोटर वाहन नीति में बदलाव कराना चाहते हैं.

जीआईडीसी ने की पुष्टि

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माता टेस्ला के मालिक एलन मस्क के वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन में आने की अटकलों को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पिछले बुधवार को ही खारिज कर दिया है. गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) के प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता ने मस्क के बुधवार से शुरू हुए वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर राज्य सरकार के एक अधिकारी ने नकारात्मक उत्तर दिया. एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मस्क के आने की उम्मीद नहीं है. अगर वह आते तो क्या वह उद्घाटन सत्र में शामिल नहीं होते? क्या वह सम्मेलन के दूसरे और तीसरे दिन भाग लेते?

एलन मस्क की कंपनी को सुविधा देगा गुजरात

जीआईडीसी प्रमुख ने कहा कि किसी भी कंपनी का यह विशेषाधिकार है कि उसे कहां और कितना निवेश करना है. जहां तक ​​टेस्ला का सवाल है, तो अगर वह गुजरात आने का फैसला करती है, तो राज्य सरकार उन्हें सुविधा देने में बहुत खुश होगी. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का औद्योगिक परिदृश्य और मजबूत बुनियादी ढांचा टेस्ला जैसी कंपनी को लुभा सकता है. इससे पहले विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछली अमेरिका यात्रा के दौरान मस्क के साथ हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों के बीच मूल्य शृंखला, आर्थिक और वाणिज्यिक निवेश संचालित अवसरों के कई तत्वों पर चर्चा हुई थी.

Also Read: रतन टाटा की इस माइक्रो एसयूवी ने रिकॉर्ड पर मारा Punch! रच दिया इतिहास

गुजरात में प्लांट लगाएगी टेस्ला

एलन मस्क के जनवरी में भारत आने की अटकलें तब तेज हो गईं जब गुजरात राज्य सरकार ने दिसंबर में कहा था कि उन्हें बहुत उम्मीद है कि बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के बीच टेस्ला राज्य में एक संयंत्र स्थापित करेगी. गुजरात सरकार के अधिकारियों ने कहा था कि मस्क टेस्ला के साथ भारतीय बाजार में प्रवेश करने के लिए गुजरात को अपनी पहली पसंद के रूप में देख रहे हैं. सरकार के प्रवक्ता ऋषिकेश पटेल ने दिसंबर में कहा था कि संयंत्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान खोजने के लिए जब से उन्होंने भारत में सर्वेक्षण शुरू किया है, तब से गुजरात उनके दिमाग में है.

Also Read: रतन टाटा गरीबों को तोहफे में देंगे माइक्रो एसयूवी कार, जल्द आएगी बाजार में

क्या टेस्ला को लाने के लिए तैयार है भारत

दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला के संस्थापक और प्रमुख एलन मस्क ने पिछले साल कहा था कि उनकी 2024 में भारत यात्रा की योजना है, जिससे देश में उनकी कंपनियों के कारोबार का विस्तार होने की संभावना है. टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से कहा कि टेस्ला जल्द ही गुजरात में एक प्लांट स्थापित करने के लिए केंद्र के संपर्क में है. जब टेस्ला प्लांट स्थापित करने की बात आती है, तो गुजरात राज्य अग्रणी रहा है. खासकर, जब से यह टाटा, फोर्ड और सुजुकी जैसे ब्रांडों के लिए ऑटोमोबाइल हब के रूप में उभरा है.

Also Read: Tesla Robot Attack Human: एलन मस्क की टेस्ला फैक्ट्री में रोबोट ने स्टाफ को पटक कर पीटा, खून निकाला

जून 2023 में पीएम मोदी से मिले थे एलन मस्क

बताते चलें कि जून 2023 में अमेरिका की यात्रा के दौरान एलन मस्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और भारत में एक इलेक्ट्रिक कार प्रोडक्शन प्लांट स्थापित करने के बारे में चर्चा की थी. टेस्ला ने पहले भी भारत में ईवी फैक्ट्री स्थापित करने के लिए 2 अरब डॉलर तक निवेश करने की बात कही थी. टेस्ला और भारत सरकार के बीच संभावित साझेदारी को पार करने में मुख्य बाधा कार कंपनी द्वारा कम से कम पहले दो वर्षों के लिए कारों के आयात शुल्क पर मांगी गई 15 से 20 फीसदी रियायत है.

Also Read: छेड़छाड़ करते ही हाईवे पर उठा के पटक देती है Toyota Fortuner!

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola